भारत में इंडक्शन चूल्हा होगा सस्ता उपभोक्ताओं के लिये ?

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव और एलपीजी (LPG) सब्सिडी के बढ़ते वित्तीय बोझ से निपटने के लिए केंद्र सरकार देश में **इलेक्ट्रिक/इंडक्शन कुकिंग (e-Cooking)** को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने की योजना बना रही है। सरकार का मुख्य उद्देश्य एलपीजी गैस के आयात पर निर्भरता कम करना और उपभोक्ताओं को महंगे ईंधन से राहत देना है। ### मुख्य बिंदु और योजना की खास बातें * **इंडक्शन चूल्हों पर सब्सिडी:** सरकार राष्ट्रीय योजना के तहत इंडक्शन चूल्हों की खरीद पर सीधी सब्सिडी और प्रमुख घटकों/उपकरणों के आयात शुल्क (Custom Duty) में कटौती पर विचार कर रही है। * **थोक खरीद और सस्ता मूल्य:** सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी **EESL** (एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड) 'राष्ट्रीय कुशल खाना पकाने के कार्यक्रम' (NECP) के तहत लाखों इंडक्शन चूल्हों की थोक खरीद कर रही है। ठीक उसी तरह जैसे LED बल्ब सस्ते किए गए थे, वैसे ही इंडक्शन के दाम भी काफी कम करने की तैयारी है। * **पीएम सूर्य घर योजना से जुड़ाव:** सरकार इस योजना को **'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना'** के साथ जोड़ रही है, ताकि जिन घरों में सोलर पैनल लगे हैं, वे दिन के समय लगभग शून्य लागत में खाना बना सकें। * **एलपीजी के मुकाबले किफायती:** आकलनों के अनुसार, महंगे गैस सिलेंडर की तुलना में इंडक्शन चूल्हे पर खाना पकाना लगभग **33% (एक-तिहाई)** सस्ता पड़ता है। सरकार नीति आयोग, बिजली मंत्रालय और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के साथ मिलकर बुनियादी ढांचे और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने में जुटी है।

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