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वाल्मीकि रामायण के अनुसार, रावण की नगरी लंका **त्रिकूट पर्वत पर ही बसी हुई थी** और यह द्वीप वर्तमान **श्रीलंका** (या उससे जुड़ा जलमग्न भू-भाग) ही माना जाता है।
दोनों विषय और उससे जुड़े मुख्य तथ्य:
**1. त्रिकूट पर्वत क्या था?**
* **अर्थ और संरचना:** 'त्रिकूट' शब्द का अर्थ है—तीन शिखरों वाला पर्वत। रामायण के सुंदरकांड के अनुसार, समुद्र के मध्य एक विशाल द्वीप पर तीन चोटियों वाला एक पर्वत था, जिसे त्रिकूट पर्वत कहा गया।
* **लंका का निर्माण:** देवशिल्पी विश्वकर्मा ने इस त्रिकूट पर्वत की चोटियों और घाटी के बीच विशाल स्वर्ण लंका का निर्माण किया था। पर्वत के एक शिखर पर रावण का महल और मुख्य किला (दुर्ग) स्थित था।
* **गजेंद्र मोक्ष से अंतर:** पुराणों (जैसे भागवत) में जिस त्रिकूट पर्वत पर 'गजेंद्र मोक्ष' की घटना बताई गई है, वह एक दिव्य लोक का पर्वत माना जाता है। हालाँकि दोनों का नाम 'त्रिकूट' है, लेकिन रामायण की लंका वाला त्रिकूट पर्वत दक्षिण सागर में स्थित था।
**2. क्या रावण की लंका श्रीलंका नहीं थी?**
अधिकांश पौराणिक और ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार **आज का श्रीलंका ही रामायण कालीन 'लंका' है**। हालांकि, इसे लेकर दो मुख्य विचार हैं:
* **पारंपरिक मान्यता (श्रीलंका ही असली लंका है):**
* भारत की मुख्य भूमि से दक्षिण में समुद्र पार स्थित द्वीप को शुरू से 'लंका' ही कहा गया है।
* तमिलनाडु के धनुषकोडी से श्रीलंका के तलाईमन्नार के बीच मौजूद **रामसेतु (Adam's Bridge)** इस बात का प्रत्यक्ष पुरातात्विक प्रमाण है कि श्री राम की सेना भारत से इसी द्वीप की ओर गई थी।
* आधुनिक श्रीलंका में आज भी रामायण से जुड़े कई स्थान मौजूद हैं (जैसे अशोक वाटिका, रावण एला/गुफा, और सिगिरिया)।
* **वैकल्पिक शोधकर्ताओं का तर्क (समुद्र में डूबा हुआ विशाल क्षेत्र):**
* वाल्मीकि रामायण में भारत के तट से लंका की दूरी **100 योजन** (लगभग 800-1000 किमी) बताई गई है, जबकि वर्तमान भारत-श्रीलंका की दूरी काफी कम (30-40 किमी) है।
* इसलिए कुछ शोधकर्ताओं और यूट्यूब कंटेंट क्रिएटर्स का मानना है कि प्राचीन 'लंका' और 'त्रिकूट पर्वत' एक बहुत बड़ा द्वीप समूह था, जो वर्तमान श्रीलंका से भी आगे विषुवत रेखा (Equator) तक फैला हुआ था और समय के साथ उसका बड़ा हिस्सा समुद्र में जलमग्न (डूबा) हो गया।
रावण की लंका त्रिकूट पर्वत पर ही बनी थी। भौगोलिक रूप से यह स्थान **आधुनिक श्रीलंका और उसके आसपास का प्राचीन जलमग्न इलाका** ही है।
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