- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
हखामनी साम्राज्य (Achaemenid Empire), जिसे **प्रथम फ़ारसी साम्राज्य (First Persian Empire)** भी कहा जाता है, प्राचीन विश्व के सबसे शक्तिशाली और विशाल साम्राज्यों में से एक था।
## १. हखामनी साम्राज्य का इतिहास
* **स्थापना (लगभग 550 ईसा पूर्व):**
इस साम्राज्य की नींव **साइरस द ग्रेट (Cyrus the Great / साइरस द्वितीय)** ने रखी थी। उन्होंने मीड्स (Medes), लिडिया और बाबुल (Babylon) के शक्तिशाली राज्यों को जीतकर एक अखंड फ़ारसी साम्राज्य स्थापित किया।
* **स्वर्ण काल (डेरियस प्रथम और ज़ेरक्सिस):**
साइरस के बाद **डेरियस प्रथम (Darius I)** का शासनकाल (522–486 ईसा पूर्व) साम्राज्य का प्रशासनिक स्वर्ण युग था। उन्होंने पूरे साम्राज्य को **क्षत्रपों (Satrapies - प्रांतों)** में बाँटा, एक मजबूत सड़क नेटवर्क ('रॉयल रोड') बनाया, मानक सिक्के (डारिक/Daric) जारी किए और पर्सोपोलिस जैसी भव्य राजधानी का निर्माण कराया।
* **ग्रीको-फ़ारसी युद्ध (Greco-Persian Wars):**
हखामनी शासकों (विशेषकर डेरियस और उसके पुत्र ज़ेरक्सिस) ने ग्रीस (यूनान) को जीतने की कोशिश की, लेकिन मैराथन और सलामिस की प्रसिद्ध लड़ाइयों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
* **पतन (330 ईसा पूर्व):**
आंतरिक विद्रोहों और कमजोर उत्तराधिकारियों के कारण साम्राज्य कमजोर पड़ गया। 330 ईसा पूर्व में मैसेडोनिया के **सिकंदर महान (Alexander the Great)** ने अंतिम हखामनी राजा डेरियस तृतीय को हराकर पर्सोपोलिस को जला दिया और साम्राज्य का अंत कर दिया।
## २. साम्राज्य का भौगोलिक विस्तार
अपने चरमोत्कर्ष (डेरियस प्रथम के शासनकाल) पर यह साम्राज्य **दुनिया के कुल क्षेत्रफल के हिसाब से इतिहास का सबसे बड़ा साम्राज्य** बन चुका था। यह तीन महाद्वीपों (एशिया, यूरोप और अफ्रीका) में फैला हुआ था:
* **पूर्व में:** सिंधु नदी घाटी (आधुनिक पाकिस्तान और उत्तर-पश्चिम भारत का क्षेत्र जैसे पंजाब और सिंध)।
* **पश्चिम में:** मिस्र (Egypt), लीबिया, ग्रीस का थ्रेस (Thrace) क्षेत्र और भूमध्य सागर के तट।
* **उत्तर में:** कैस्पियन सागर, अराल सागर, सोग्डिया (मध्य एशिया के उज्बेकिस्तान-ताजिकिस्तान) और काला सागर तक।
* **दक्षिण में:** फारस की खाड़ी, अरब प्रायद्वीप का उत्तरी हिस्सा और इथियोपिया (कुश) की सीमा तक।
यह प्राचीन इतिहास का पहला साम्राज्य था जिसने दुनिया की तीन सबसे प्राचीन नदी-घाटी सभ्यताओं — **सिंधु घाटी, मेसोपोटामिया और नील नदी घाटी (मिस्र)** — को एक ही शासन तंत्र के तहत एकजुट किया था।
### यहाँ उस समय कौनसा धर्म था ;
हखामनी (Achaemenid) साम्राज्य के समय मुख्य रूप से **पारसी धर्म (Zoroastrianism / ज़रथुष्ट्रवाद)** प्रचलित था।
इस धर्म से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
* **अहुरा मज़्दा (Ahuramazda):** हखामनी राजा (जैसे डेरियस प्रथम और ज़ेरक्सिस) **अहुरा मज़्दा** को सर्वोच्च ईश्वर और सृष्टि का रचयिता मानते थे। पिछली पट्टिका (शिलालेख) पर भी अहुरा मज़्दा से ही रक्षा की प्रार्थना की गई थी।
* **पैगंबर जरथुस्त्र (Zoroaster):** इस धर्म की स्थापना प्राचीन फ़ारस में पैगंबर जरथुस्त्र ने की थी। यह दुनिया के सबसे प्राचीन एकेश्वरवादी (एक ही ईश्वर को मानने वाले) धर्मों में से एक है।
* **सत्य और अग्नि की पूजा:** पारसी धर्म में 'अशा' (सत्य, न्याय और प्राकृतिक व्यवस्था) पर जोर दिया जाता था और अग्नि (Fire) को पवित्र प्रतीक माना जाता था।
* **धार्मिक सहिष्णुता:** हखामनी शासक (विशेषकर साइरस द ग्रेट) अपने जीते हुए राज्यों की प्रजा पर पारसी धर्म जबरन नहीं थोपते थे। वे अन्य धर्मों (जैसे बाबुल के देवताओं, यहूदी धर्म और मिस्र के देवी-देवताओं) का भी सम्मान करते थे। साइरस ने ही बाबुल की कैद से यहूदियों को आजाद कराकर उनका यरूशलेम का मंदिर दोबारा बनवाया था।
इसके अलावा, साम्राज्य के विशाल विस्तार के कारण इसकी प्रजा द्वारा मेसोपोटामियाई धर्म, प्राचीन मिस्र का धर्म, ग्रीक धर्म और भारतीय क्षेत्रों में प्राचीन वैदिक/हिंदू परंपराएं भी अपनी-अपनी सीमाओं में मानी जाती थीं।
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
टिप्पणियाँ