शक्ति नहर विकास नगर उत्तराखण्ड में बढ़ते हादसों पर चिंता ?

विकासनगर (देहरादून) की **शक्ति नहर** में लगातार हो रहे हादसे एक गंभीर जन-समस्या और सुरक्षा की बड़ी विफलता बन चुके हैं। तेज बहाव और सुरक्षा घेरा (बाउंड्री/रेलिंग) न होने के कारण यह नहर लगातार हादसों का केंद्र बनती जा रही है। ### हादसों के मुख्य कारण * **सुरक्षा बाड़ और तार-जाल का अभाव:** नहर के किनारे आबादी वाले क्षेत्रों (जैसे नवाबगढ़, हरबर्टपुर, ढकरानी, ढालीपुर आदि) में मजबूत फेंसिंग या तार-जाल की सख्त कमी है। * **वाहनों का गिरना:** तीखे मोड़ों, संकरे रास्तों और पर्याप्त स्ट्रीट लाइट व क्रैश बैरियर न होने की वजह से कई बार अनियंत्रित वाहन सीधे नहर में समा जाते हैं। * **आबादी का बढ़ाव:** 1970 के दशक में नहर बनने के बाद अब आसपास के क्षेत्रों में घनी आबादी और स्कूल बस चुके हैं, जिससे स्थानीय लोगों और बच्चों का रोज नहर किनारे से गुजरना मजबूरी है। ### स्थानीय निवासियों की प्रमुख मांगें * **तार-जाल और क्रैश बैरियर:** UJVNL (उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड) और प्रशासन से संवेदनशील स्थानों पर तुरंत **मजबूत तार-जाल (Wire Mesh)** और **कंक्रीट क्रैश बैरियर** लगाने की मांग की जा रही है। * **चेतावनी बोर्ड और लाइटिंग:** नहर के किनारे दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (Accident Prone Zones) को चिन्हित कर वहां रात के समय उचित रोशनी और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। * **इमरजेंसी रेस्क्यू सिस्टम:** ढकरानी और अन्य इंटेक प्वाइंट्स पर त्वरित रेस्क्यू टीम की तैनाती की मांग भी लगातार उठाई जाती है। जल विद्युत निगम (UJVNL) और सिंचाई विभाग को इस संबंध में स्थायी समाधान निकालना होगा ताकि नहर किनारे आवाजाही करने वाले आम नागरिकों की जान-माल की रक्षा की जा सके।

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