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यह सच है कि **तमिलनाडु सरकार** अपने सरकारी स्कूलों के होनहार छात्र-छात्राओं (Toppers) को अकादमिक, खेल, कला और अन्य क्षेत्रों में बेहतरीन प्रदर्शन करने पर **विदेश दौरों (जैसे मलेशिया, सिंगापुर, जापान)** और देश के भीतर हवाई जहाज से भ्रमण करवाती है. इसका उद्देश्य बच्चों को वैश्विक स्तर पर एक्सपोज़र देना और उनका हौसला बढ़ाना है.
इसके अलावा, तमिलनाडु में कई सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्यों (Principals) और शिक्षकों ने भी अपने दम पर फंड जुटाकर (Crowdfunding) गरीब बच्चों को हवाई सफर का अनुभव कराया है, जो काफी वायरल हुआ है.
हालाँकि, एसी योजना ** भारत के कई अन्य राज्यों में भी सरकारी स्कूल के टॉपर्स या आदिवासी बच्चों के लिए इसी तरह की हवाई यात्रा योजनाएं चलाई जा रही हैं:
### अन्य राज्यों में भी हैं ऐसी योजनाएं:
1. **छत्तीसगढ़:** यहाँ की राज्य सरकार ने बोर्ड परीक्षाओं (10वीं और 12वीं) के राज्य और जिला स्तर के टॉपर्स को **"हेलिकॉप्टर जॉयराइड" (Helicopter Ride)** की सौगात दी है। हर साल टॉप करने वाले बच्चों को इनाम के तौर पर आसमान की सैर कराई जाती है।
2. **झारखंड:** झारखंड सरकार अपने मेधावी (Toppers) और आदिवासी बच्चों को उच्च शिक्षा और विशेष शैक्षणिक दौरों के लिए हवाई जहाज से देश के बड़े शहरों का भ्रमण करवाती है।
3. **मध्य प्रदेश और राजस्थान:** इन राज्यों में भी समय-समय पर सरकारी स्कूलों के बच्चों को 'स्पेशल टूर' के तहत देश के ऐतिहासिक स्थलों तक ले जाने के लिए हवाई यात्रा का प्रबंध (विशेषकर दूर-दराज के आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों के लिए) सरकारी या निजी संस्थाओं के सहयोग से किया जाता है।
4. **कर्नाटक:** यहाँ भी कई सरकारी स्कूलों और स्थानीय समुदायों के सहयोग से (जैसे केंद्र की उड़ान योजना के तहत) बच्चों को पहली बार हवाई यात्रा का अनुभव देने के लिए एजुकेशनल टूर आयोजित किए जाते हैं.
**निष्कर्ष:** तमिलनाडु इस मामले में काफी आगे और सक्रिय जरूर है (विशेषकर सरकारी स्कूल के बच्चों को विदेशों में स्टडी टूर पर भेजने के लिए), लेकिन भारत के अन्य राज्य भी अपने-अपने स्तर पर सरकारी स्कूल के होनहार बच्चों के सपनों को पंख लगाने के लिए ऐसी योजनाएं चला रहे हैं।
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