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**बटागायका क्रेटर (Batagaika Crater)** है। इसे स्थानीय स्तर पर **"नरक का द्वार" (Gateway to Hell)** भी कहा जाता है।
### 1. यह कहाँ धंसा है? (Location)
* **देश:** रूस (Russia)
* **क्षेत्र:** पूर्वी साइबेरिया का साखा गणराज्य (Yakutia/Sakha Republic)
* **भूगोल:** यह साइबेरिया के दूरदराज टुंड्रा/जंगलों के बीच स्थित दुनिया का सबसे बड़ा **'परमाफ्रॉस्ट क्रेटर' (Mega-slump)** है।
### 2. यह जमीन क्यों धंसी है? (Causes)
यह प्रक्रिया अचानक किसी भूकंप से नहीं, बल्कि दशकों से चल रहे प्राकृतिक और मानवीय कारणों से हुई है:
1. **परमाफ्रॉस्ट का पिघलना (Permafrost Thaw):**
साइबेरिया में जमीन के नीचे सैकड़ों फीट तक सदियों पुरानी बर्फ और मिट्टी की जमी हुई परत (Permafrost) है। जब यह बर्फ जमा रहती है, तो जमीन कंक्रीट की तरह मजबूत रहती है।
2. **जंगलों की कटाई (Deforestation):**
1960 के दशक में इस इलाके में भारी मात्रा में पेड़ काटे गए थे। पेड़ों के घटने से सूरज की धूप सीधे जमीन पर पड़ने लगी, जिससे बर्फ पिघलना शुरू हुई।
3. **ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming):**
बढ़ते वैश्विक तापमान और गर्म होती गर्मियों के कारण जमीन के अंदर जमी बर्फ पिघलकर पानी बन गई। जैसे ही बर्फ पिघली, सख्त जमीन की पकड़ खत्म होकर गीली कीचड़ जैसी बन गई और पूरी पहाड़ी धंस गई।
### 💡 मुख्य बात
यह गड्डा लगातार बढ़ रहा है (हर साल लगभग 10 से 30 मीटर तक चौड़ा हो रहा है)। जैसे-जैसे मौसम गर्म होता है, इसकी किनारे की बर्फ और मिट्टी ढहकर बह जाती है।
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