सीएम थालापति के गजब फेसले भ्रष्ट ठेकेदारों की हो गई छुट्टी एक फैसले से ?
तमिलनाडु के नवनियुक्त मुख्यमंत्री **सी. जोसेफ विजय (थलापति विजय)** ने मई 2026 में कार्यभार संभालने के बाद से ही भ्रष्टाचार के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपनाया है। अपने लगभग डेढ़ से दो महीने के शुरुआती कार्यकाल में ही उनकी सरकार ने कई कड़े फैसले लिए हैं, जिससे भ्रष्ट अधिकारियों और गलत तरीकों से काम करने वाले ठेकेदारों (Contractors) में हड़कंप मच गया है।
मुख्य रूप से विजय सरकार ने भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए **'नो मर्सी' (कोई ढिलाई नहीं)** की नीति अपनाई है। इस दौरान लिए गए बड़े फैसले और कड़े कदम इस प्रकार हैं:
### 1. सरकारी टेंडर्स और ठेकेदारों पर नकेल
मुख्यमंत्री विजय ने साफ़ कर दिया है कि राज्य में किसी भी सरकारी निर्माण कार्य (जैसे सड़क, पुल या इंफ्रास्ट्रक्चर) में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
* पुराने ढर्रे पर चल रहे और खराब क्वालिटी का काम करने वाले कई भ्रष्ट ठेकेदारों के पुराने रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
* नियमों के मुताबिक, पारदर्शी तरीके से टेंडर न लेने वाले या पिछली सरकार के दौर में धांधली में शामिल रहे ठेकेदारों और ब्लैकलिस्टेड कंपनियों को नए प्रोजेक्ट्स से बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है।
### 2. पूर्व मंत्रियों और भ्रष्ट अफसरों पर मुकदमा चलाने की मंजूरी
हाल ही में (जून के अंत में), विजय सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए **पिछली DMK सरकार के पूर्व मंत्रियों** के खिलाफ भ्रष्टाचार (Graft Cases) के मामलों में मुकदमा चलाने के लिए राज्यपाल से औपचारिक मंजूरी मांगी है। इसके जरिए वे सिस्टम में बैठे बड़े-बड़े चेहरों पर सीधे चोट कर रहे हैं।
### 3. 'वीआईपी दर्शन' और रिश्वतखोरी पर तत्काल एक्शन
प्रशासन में पारदर्शिता लाने के लिए थलापति विजय ने जमीनी स्तर पर भी कार्रवाई शुरू की है। उनके मंत्रियों द्वारा अचानक औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) किए जा रहे हैं। उदाहरण के लिए, मंदिरों में 'VIP दर्शन' के नाम पर अवैध वसूली करने वालों पर खुद उनकी सरकार के मंत्रियों ने मौके पर जाकर कार्रवाई की और रिश्वतखोरी बंद करवाई।
### 4. 436 लक्ष्यों के साथ जीरो-टॉलरेंस नीति
सीएम विजय ने अपनी सरकार के लिए **436 लक्ष्य (Goals)** तय किए हैं, जिसमें सबसे पहला और बड़ा एजेंडा "भ्रष्टाचार मुक्त शासन" (Corruption-Free Governance) है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि जनता के पैसों की बर्बादी या रिश्वतखोरी में संलिप्त पाए जाने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
> **राजनीतिक माहौल:**
> थलापति विजय के इन ताबड़तोड़ फैसलों ने तमिलनाडु की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। जहां जनता उनके इस भ्रष्टाचार विरोधी कड़े रुख की जमकर तारीफ कर रही है, वहीं विपक्ष इसे केवल राजनीतिक रूप से प्रेरित कदम बता रहा है। बहरहाल, उनके इन फैसलों ने यह साफ कर दिया है कि वह अपनी फिल्मों (जैसे 'सरकार' और 'कत्थी') के एंग्री यंग मैन वाले अंदाज को अब असल जिंदगी के प्रशासन में भी लागू कर रहे हैं।
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