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भारत में सेकंड हैंड लेड एसिड बैटरी और लिथियम आयन बैटरी कौन खरीदते हैं और एक्सचेंज रेट क्या है बैटरी के ?
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भारत में पुरानी बैटरियों का बाजार काफी संगठित है क्योंकि इनमें इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल (जैसे लेड और लिथियम) की वैल्यू काफी ज्यादा होती है।
यहाँ विस्तार से जानकारी दी गई है कि इन्हें कौन खरीदता है और वर्तमान में एक्सचेंज रेट की क्या स्थिति है:
## 1. पुरानी बैटरियां कौन खरीदता है?
भारत में पुरानी बैटरियों को खरीदने वाले मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में आते हैं:
* **स्थानीय कबाड़ीवाला (Scrap Dealers):** ये सबसे सुलभ विकल्प हैं। ये आपके घर से पुरानी बैटरी ले जाते हैं और वजन के हिसाब से पैसे देते हैं।
* **बैटरी रिटेलर्स (Battery Retailers):** यदि आप नई बैटरी खरीद रहे हैं (Exide, Amaron, Luminous आदि), तो दुकानदार आपकी पुरानी बैटरी को **'Buy-back'** स्कीम के तहत अच्छे दाम पर रख लेता है और नए बिल में डिस्काउंट दे देता है।
* **अधिकृत रिसाइकिलर्स (Authorized Recyclers):** बड़े पैमाने पर (जैसे औद्योगिक बैटरी) के लिए Gravita India या Eco-Renics जैसी कंपनियां इन्हें खरीदती हैं जो पर्यावरण के अनुकूल तरीके से मेटल को अलग करती हैं।
## 2. लेड एसिड बैटरी (Lead Acid Battery) के रेट
लेड-एसिड बैटरी का रेट मुख्य रूप से **लेड (सीसा)** की अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमतों पर निर्भर करता है।
| बैटरी का प्रकार | अनुमानित एक्सचेंज रेट (Buy-back) |
|---|---|
| **कार बैटरी (35Ah - 55Ah)** | ₹600 — ₹1,200 |
| **इनवर्टर बैटरी (150Ah)** | ₹2,500 — ₹3,500 |
| **ट्रक/बड़ी बैटरी (180Ah+)** | ₹4,000 — ₹5,500 |
| **स्क्रैप रेट (प्रति किलो)** | ₹80 — ₹110 प्रति किलो (लगभग) |
> **नोट:** यदि आप बैटरी एक्सचेंज में नई बैटरी ले रहे हैं, तो आपको कबाड़ी की तुलना में 10-15% बेहतर दाम मिलते हैं।
>
## 3. लिथियम आयन बैटरी (Lithium-ion Battery) के रेट
लिथियम बैटरी का स्क्रैप बाजार अभी भारत में विकसित हो रहा है। इसकी कीमतें लेड-एसिड की तरह फिक्स नहीं हैं क्योंकि इन्हें रिसाइकिल करना थोड़ा जटिल है।
* **रेट का आधार:** लिथियम बैटरी वजन के बजाय उसकी **केमिस्ट्री** (NMC, LFP) और उसमें मौजूद कोबाल्ट या निकेल की मात्रा पर बिकती है।
* **अनुमानित रेट:** यह आमतौर पर **₹150 से ₹300 प्रति किलो** के बीच हो सकता है, लेकिन कई छोटे कबाड़ी इसे नहीं खरीदते। इसके लिए आपको विशेष ई-कचरा (E-waste) रिसाइकिलर्स से संपर्क करना पड़ता है।
* **ई-व्हीकल बैटरी:** इलेक्ट्रिक स्कूटर या कार की बैटरी के लिए कंपनियां खुद के 'बैटरी सब्सक्रिप्शन' या 'बाय-बैक' प्रोग्राम चलाती हैं।
## ध्यान देने योग्य बातें
1. **वजन चेक करें:** कबाड़ी को बैटरी देते समय वजन खुद चेक करें, क्योंकि लेड बैटरी काफी भारी होती है।
2. **एसिड न निकालें:** कभी भी बैटरी का एसिड खुद बाहर न गिराएं, यह पर्यावरण के लिए हानिकारक है और इससे बैटरी का वजन कम हो जाता है, जिससे आपको पैसे कम मिलेंगे।
3. **बिल मांगें:** यदि आप किसी अधिकृत सेंटर को बेच रहे हैं, तो 'Green Certificate' या रसीद जरूर लें।
क्या आप किसी विशेष शहर के रेट जानना चाहते हैं या आपके पास कोई खास ब्रांड की बैटरी है?
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