लखवाड़ परियोजना के श्रमिकों द्वारा ग्राम कडियान में किए जा रहे विरोध प्रदर्शन

**पुकार स्किल डेवलपमेंट फाउंडेशन (Pukar Skill Development Foundation)** द्वारा कालसी उत्तराखण्ड pin-248158 , देहरादून के आदिवासी जौनसारी समुदाय और **लखवाड़ बांध (Lakhwar Dam)** से प्रभावित लोगों के अधिकारों के लिए किए जा रहे संघर्ष और अधिकार के लिए **पुकार स्किल डेवलपमेंट फाउंडेशन (Pukar Skill Development Foundation)** द्वारा कालसी उत्तराखण्ड pin-248158 , देहरादून के आदिवासी जौनसारी समुदाय और **लखवाड़ बांध (Lakhwar Dam)** से प्रभावित लोगों के अधिकारों के लिए किए जा रहे संघर्ष और अधिकार के लिए आवाज उठा उठाई हे 2023 से उत्तराखण्ड मानव अधिकार संगठन में। आजकल कुछ दिनों से लखवाड़ परियोजना के श्रमिकों द्वारा **ग्राम कडियान** में किए जा रहे विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है जिनकी मांगे निम्न हे। * **प्रमुख मांगें:** श्रमिक केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित वेतनमान लागू करने, रात्रि भत्ता, शीतकालीन भत्ता और टनल अलाउंस की मांग कर रहे हैं। * **आरोप:** श्रमिकों ने आरोप लगाया है कि उन्हें वार्षिक अवकाश नहीं दिया जाता और 10-10 श्रमिकों को एक ही कमरे में रखा जा रहा है, जो मानकों के विरुद्ध है। ### **आदिवासी जौनसारी और लखवाड़ बांध मुआवजा विवाद** आपके द्वारा दी गई जानकारी और क्षेत्र की स्थिति के अनुसार, जौनसारी समुदाय (विशेषकर लोहारी गांव के लोग) लंबे समय से उचित मुआवजे और पुनर्वास की मांग कर रहे हैं: * **समान मुआवजे की मांग:** 2023 में उत्तराखंड मानवाधिकार संगठन और विभिन्न संस्थाओं ने मांग उठाई थी कि आदिवासी जौनसारी प्रभावितों को भी सामान्य प्रभावितों के बराबर या उससे बेहतर (आदिवासी अधिकारों के तहत) मुआवजा मिलना चाहिए। * **HRC (मानवाधिकार आयोग) का हस्तक्षेप:** जैसा कि पुकार स्किल डवलपमेंट फाऊंडेशन #pukarskilldevelopmentfoundation द्वारा यह मामाला 2023 में उत्तराखण्ड मानवाधिकार आयोग उठाया था , मानवाधिकार आयोग ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए **जिलाधिकारी (DM)** को 4 नोटिस जारी किए हैं। आयोग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विस्थापित परिवारों को **'Right to Fair Compensation and Transparency in Land Acquisition Act, 2013'** के तहत उचित हक मिले। * **पुनर्वास की समस्या:** लोहारी जैसे गांवों के लोगों का कहना है कि उन्हें पैसे के बदले जमीन (Land for Land) दी जानी चाहिए, क्योंकि उनकी जीविका खेती और पशुपालन पर निर्भर है। ### **प्रमुख समस्याएँ जो सामने आईं:** | विषय | विवरण | |---|---| | **भेदभाव का आरोप** | आदिवासियों को मिलने वाला मुआवजा अन्य क्षेत्रों के मुकाबले कम होने की शिकायत। | | **नोटिस** | मानवाधिकार आयोग द्वारा प्रशासन को बार-बार जवाबदेही के लिए नोटिस भेजना उसका जवाब नहीं देना मानवाधिकार आयोग को काफी सवाल खड़े कर्ता हे ? | | **श्रमिक अधिकार** | परियोजना में कार्यरत मजदूरों को बुनियादी सुविधाएं और सरकारी वेतन न मिलना (जैसा आदि मांगें उठायी गई हे । |

टिप्पणियाँ