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स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) द्वारा मार्च 2026 में जारी की गई नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, विश्व में हथियारों के आयात (Import) के परिदृश्य में बड़ा बदलाव आया है। रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य-पूर्व (Middle East) में बढ़ते तनाव ने हथियारों की खरीद के आंकड़ों को काफी प्रभावित किया है।
वर्ष 2021-2025 की अवधि के लिए विश्व के सबसे ज्यादा हथियार खरीदने वाले शीर्ष 5 देश निम्नलिखित हैं:
| रैंक | देश | वैश्विक हिस्सेदारी (%) | मुख्य आपूर्तिकर्ता (Suppliers) |
|---|---|---|---|
| 1 | यूक्रेन | 9.7% | अमेरिका, जर्मनी, पोलैंड |
| 2 | भारत | 8.2% | रूस, फ्रांस, इज़राइल |
| 3 | सऊदी अरब | 6.8% | अमेरिका, स्पेन, फ्रांस |
| 4 | कतर | 6.4% | अमेरिका, इटली, ब्रिटेन |
| 5 | पाकिस्तान | 4.2% | चीन, तुर्की, नीदरलैंड |
मुख्य बिंदु:
* यूक्रेन नंबर 1 पर: रूस के साथ चल रहे युद्ध और पश्चिमी देशों से मिली सैन्य सहायता के कारण यूक्रेन अब दुनिया का सबसे बड़ा हथियार आयातक बन गया है। 2016-20 के मुकाबले इसके आयात में 210% की भारी वृद्धि हुई है।
* भारत का स्थान: भारत दूसरे स्थान पर बना हुआ है। हालांकि भारत 'मेक इन इंडिया' के तहत घरेलू उत्पादन बढ़ा रहा है, लेकिन चीन और पाकिस्तान के साथ सीमा तनाव (जैसे मई 2025 की झड़प) के कारण आधुनिक फाइटर जेट्स और मिसाइल सिस्टम का आयात अब भी जारी है।
* सप्लायर्स में बदलाव: भारत के लिए रूस अब भी सबसे बड़ा पार्टनर है (40%), लेकिन अब भारत तेजी से फ्रांस (Rafale jets) और इज़राइल की ओर रुख कर रहा है।
* पाकिस्तान की छलांग: पाकिस्तान अब दुनिया का 5वां सबसे बड़ा खरीदार बन गया है। उसके हथियारों का लगभग 80% हिस्सा अकेले चीन से आता है।
* यूरोप का उदय: पिछले 5 वर्षों में पूरे यूरोप के हथियार आयात में 210% की वृद्धि हुई है, जिसका मुख्य कारण रूस का डर और क्षेत्रीय असुरक्षा है।
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