सूर्यमित्र' ट्रेनिंग रोजगार स्वरोजगार योजना क्या है?

सूर्यमित्र (Suryamitra) स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम भारत सरकार के 'नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय' (MNRE) द्वारा शुरू की गई एक महत्वाकांक्षी प्रशिक्षण योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को सोलर सेक्टर में तकनीकी रूप से कुशल बनाकर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के योग्य बनाना है। यहाँ इस योजना की पूरी जानकारी दी गई है: 1. योजना का स्वरूप (Nature of Scheme) यह एक नि:शुल्क आवासीय (Free Residential) प्रशिक्षण कार्यक्रम है। इसमें प्रशिक्षण के दौरान रहने और खाने का खर्च भी सरकार द्वारा ही वहन किया जाता है। * अवधि: 3 महीने (600 घंटे)। * प्रमाणन: कोर्स पूरा होने के बाद 'स्किल काउंसिल फॉर ग्रीन जॉब्स' (SCGJ) द्वारा सर्टिफिकेट दिया जाता है, जो पूरे भारत में मान्य है। 2. पात्रता (Eligibility) * शैक्षणिक योग्यता: 10वीं पास + ITI (इलेक्ट्रीशियन, वायरमैन, इलेक्ट्रॉनिक्स, फिटर, शीट मेटल) या इलेक्ट्रिकल/मैकेनिकल/इलेक्ट्रॉनिक्स में डिप्लोमा। * आयु: कम से कम 18 वर्ष। * विशेष नोट: उच्च शिक्षा वाले (जैसे B.E./B.Tech) इस योजना के पात्र नहीं हैं। ग्रामीण पृष्ठभूमि के युवाओं, महिलाओं और SC/ST वर्ग को प्राथमिकता दी जाती है। 3. रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सूर्यमित्र ट्रेनिंग केवल सर्टिफिकेट नहीं देती, बल्कि आपको कमाई के सीधे रास्ते दिखाती है: * नौकरी (Job): सोलर पैनल बनाने वाली कंपनियों, EPC कंपनियों (जो बड़े प्रोजेक्ट लगाती हैं) और उरेडा (UREDA) के वेंडर्स के साथ 'सोलर तकनीशियन' के रूप में काम। * स्वरोजगार (Entrepreneurship): * PM-Surya Ghar (मुफ्त बिजली योजना): सरकार 1 करोड़ घरों पर सोलर पैनल लगा रही है। एक सूर्यमित्र के रूप में आप इन पैनलों की इंस्टॉलेशन और सर्विसिंग का अपना बिजनेस शुरू कर सकते हैं। * सोलर पंप सर्विसिंग: उत्तराखंड में 'कुसुम योजना' के तहत लगे पंपों की मरम्मत का ठेका ले सकते हैं। * सोलर क्लीनिंग एजेंसी: सोलर पैनल की दक्षता बनाए रखने के लिए उनकी नियमित सफाई जरूरी है। आप अपनी "पैनल क्लीनिंग सर्विस" शुरू कर सकते हैं। 4. आवेदन कैसे करें? प्रशिक्षण के बैच समय-समय पर निकलते रहते हैं। आवेदन के लिए आप निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं: * आधिकारिक पोर्टल: suryamitra.nise.res.in पर जाकर अपने राज्य (Uttarakhand) के एक्टिव ट्रेनिंग सेंटर्स की सूची देखें। * UREDA कार्यालय: देहरादून स्थित उरेडा मुख्यालय या अपने जिले के विकास भवन में उरेडा अधिकारी से अगले बैच की जानकारी लें। * दस्तावेज: आधार कार्ड, ITI/डिप्लोमा मार्कशीट, बैंक पासबुक और फोटो तैयार रखें। उत्तराखंड के लिए विशेष टिप: उत्तराखंड में 'मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना' भी संचालित है। सूर्यमित्र ट्रेनिंग लेने के बाद, यदि आप अपना खुद का छोटा सोलर पावर प्लांट (20/25 किलोवाट) लगाना चाहते हैं, तो सरकार आपको सब्सिडी और बैंक लोन दिलाने में बहुत मदद करती है।

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