पुरानी कब्ज का अमलतास से आयुर्वेदिक उपचार?

अमलतास का उपयोग मुख्य रूप से पेट की सफाई और कब्ज के लिए किया जाता है। इसकी फली के अंदर एक काला, गोंद जैसा गूदा (pulp) होता है, जो असली दवा है। इसे तैयार करने के कुछ आसान और सुरक्षित तरीके यहाँ दिए गए हैं: 1. पुरानी कब्ज (Constipation) के लिए काढ़ा अगर पेट साफ नहीं हो रहा है, तो यह तरीका सबसे कारगर है: * तैयारी: अमलतास की फली को पत्थर से हल्का तोड़ें। उसके अंदर से काली चकती (discs) जैसा गूदा निकलेगा। * विधि: लगभग 5 से 10 ग्राम गूदा लें और उसे एक गिलास पानी में रात भर के लिए भिगो दें। * सेवन: सुबह इस पानी को छानकर पी लें। अगर समस्या ज्यादा है, तो इसे हल्का उबालकर आधा गिलास कर लें और गुनगुना होने पर पिएं। * स्वाद: इसका स्वाद थोड़ा मीठा और अजीब हो सकता है, इसलिए आप इसमें थोड़ी मिश्री या सौंफ भी मिला सकते हैं। 2. बच्चों के लिए (हल्की कब्ज) छोटे बच्चों के लिए इसे सीधे पिलाने के बजाय बाहरी प्रयोग बेहतर रहता है: * इसके गूदे को थोड़े से पानी में घिसकर पेस्ट बना लें। * इस पेस्ट को बच्चे की नाभि के चारों ओर गोल घेरे में लगा दें। इससे बिना दस्त लगे पेट की गैस और कब्ज में आराम मिलता है। 3. त्वचा रोगों (Skin Problems) के लिए * अगर कहीं दाद या खुजली है, तो इसके गूदे को पानी में पीसकर उस जगह पर लेप की तरह लगा सकते हैं। कुछ खास बातें याद रखें: * मात्रा का ध्यान: शुरू में बहुत कम मात्रा (5 ग्राम के आसपास) से शुरू करें। बहुत ज्यादा लेने से पेट में मरोड़ या दस्त लग सकते हैं। * समय: इसे हमेशा रात को सोते समय या सुबह खाली पेट लेना सबसे अच्छा माना जाता है। * बीज न खाएं: इसके अंदर के सख्त बीजों का सेवन नहीं करना चाहिए, केवल गूदे का ही उपयोग करें। वार्निंग; बिना विशेषज्ञ की सलाह के उपचार सुरु नहीं करें !

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