कंपनी सेक्रेटरी द्वारा कंपनी के लिए किसी खास फॉर्म (जैसे AOC-4 या MGT-7) की सरकारी फीस?

ROC (Registrar of Companies) के फॉर्म जैसे AOC-4 (Financial Statements) और MGT-7 (Annual Return) की सरकारी फीस कंपनी की ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल (Authorized Share Capital) पर निर्भर करती है। यहाँ सरकारी फीस का ब्रेकअप दिया गया है: 1. नॉर्मल फाइलिंग फीस (Normal Fees) अगर आप समय सीमा के भीतर फॉर्म भरते हैं, तो फीस इस प्रकार होगी: | ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल (Authorized Capital) | सरकारी फीस (प्रति फॉर्म) | |---|---| | ₹1,00,000 से कम | ₹200 | | ₹1,00,000 से ₹4,99,999 | ₹300 | | ₹5,00,000 से ₹24,99,999 | ₹400 | | ₹25,00,000 से ₹99,99,999 | ₹500 | | ₹1 करोड़ या उससे अधिक | ₹600 | 2. देरी होने पर जुर्माना (Late Fees/Penalty) यह सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। अगर आप फॉर्म समय पर जमा नहीं करते (AOC-4 के लिए AGM के 30 दिन के भीतर और MGT-7 के लिए 60 दिन के भीतर), तो जुर्माना काफी भारी होता है: * जुर्माना: ₹100 प्रति दिन। * यह जुर्माना तब तक बढ़ता रहता है जब तक आप फॉर्म फाइल नहीं कर देते। इसकी कोई ऊपरी सीमा (Upper Limit) नहीं है, इसलिए देरी करना बहुत महंगा पड़ सकता है। 3. अन्य जरूरी फॉर्म्स की फीस * ADT-1 (Auditor Appointment): इसकी फीस भी ऊपर दी गई टेबल (₹200 - ₹600) के अनुसार ही होती है। * DIR-3 KYC: अगर समय पर किया जाए तो Zero (निशुल्क) है, लेकिन समय निकलने के बाद इसकी सरकारी फीस ₹5,000 हो जाती है। प्रोफेशनल टिप अक्सर लोग प्रोफेशनल फीस (CS के चार्जेस) और सरकारी फीस को एक ही समझ लेते हैं। जब भी आप किसी CS से बात करें, तो उनसे "Challan Amount" (सरकारी फीस) और "Professional Fee" का अलग-अलग हिसाब मांगें। ।

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