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व्यवसायिक इलेक्ट्रिक वाहन ई-रिक्शा / ई-रिक्शा ऑटो नियम के अनुरूप स्थानीय और हाईवे पर कैसे चलाएं जा सकते हैं ?
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भारत में ई-रिक्शा और ई-ऑटो को चलाने के लिए RTO (क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय) और NHAI (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के कड़े नियम हैं। चूंकि ई-रिक्शा की गति कम होती है, इसलिए सुरक्षा के लिहाज से इन्हें हाईवे पर ले जाना जोखिम भरा और अक्सर कानूनी रूप से प्रतिबंधित होता है।
यहाँ स्थानीय और हाईवे पर परिचालन के लिए विस्तृत गाइड दी गई है:
1. ई-रिक्शा (Low Speed) बनाम ई-ऑटो (High Speed)
सबसे पहले यह समझना ज़रूरी है कि आपका वाहन किस कैटेगरी में आता है:
| विशेषता | ई-रिक्शा (L1/L2 Category) | ई-ऑटो (L5 Category) |
|---|---|---|
| अधिकतम गति | 25 किमी/घंटा | 45-55 किमी/घंटा |
| पंजीकरण (Registration) | ज़रूरी है (पीली नंबर प्लेट) | ज़रूरी है (पीली नंबर प्लेट) |
| ड्राइविंग लाइसेंस | ई-रिक्शा श्रेणी का लाइसेंस | थ्री-व्हीलर कमर्शियल लाइसेंस |
| हाईवे अनुमति | सख्त मनाही | कुछ हाईवे पर अनुमति (एक्सप्रेसवे पर नहीं) |
2. स्थानीय (Local) चलाने के नियम
शहर या मोहल्लों में ई-रिक्शा चलाने के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें:
* रूट परमिट: कई शहरों में ई-रिक्शा के लिए विशिष्ट रूट तय होते हैं। बिना परमिट के दूसरे रूट पर चलाना चालान का कारण बन सकता है।
* सवारी क्षमता: ई-रिक्शा में आमतौर पर 4 सवारी + 1 ड्राइवर की अनुमति होती है। ओवरलोडिंग न केवल गैरकानूनी है, बल्कि बैटरी और मोटर पर भी बुरा असर डालती है।
* फिटनेस और इंश्योरेंस: वाहन का 'फिटनेस सर्टिफिकेट' और 'थर्ड पार्टी इंश्योरेंस' हमेशा अपडेट रखें।
* नगर निगम नियम: स्थानीय नो-एंट्री ज़ोन और वन-वे नियमों का सख्ती से पालन करें।
3. हाईवे (Highway) पर चलाने के नियम और सावधानियां
> कड़वा सच: 25 किमी/घंटा की रफ्तार वाला ई-रिक्शा नेशनल हाईवे पर चलाना 'आत्मघाती' हो सकता है क्योंकि वहाँ गाड़ियाँ 80-100 किमी/घंटा की रफ्तार से चलती हैं।
>
यदि आपके पास ई-ऑटो (L5) है और आप हाईवे पर जा रहे हैं, तो ये नियम अपनाएं:
* बाएं लेन का नियम: हमेशा सड़क के सबसे बाईं ओर (Left Lane) चलें। अचानक मुड़ने की कोशिश कभी न करें।
* एक्सप्रेसवे से बचें: भारत में लगभग सभी Expressways (जैसे यमुना एक्सप्रेसवे या दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे) पर टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर (इलेक्ट्रिक सहित) पूरी तरह प्रतिबंधित हैं।
* रिफ्लेक्टर और लाइट: हाईवे पर आपकी दृश्यता (Visibility) बहुत ज़रूरी है। वाहन के पीछे और किनारों पर रेड और रेडियम टेप ज़रूरी लगाएं।
* बैटरी बैकअप: हाईवे पर चार्जिंग स्टेशन मिलना मुश्किल हो सकता है। अपनी यात्रा की योजना बैटरी रेंज के हिसाब से ही बनाएं (कम से कम 20% बफर रखें)।
4. सुरक्षा और रख-रखाव (Safety Tips)
* टायर प्रेशर: ई-रिक्शा के टायर छोटे होते हैं, हाईवे या खराब रास्तों पर टायर प्रेशर सही न होने से वाहन पलट सकता है।
* ब्रेकिंग दूरी: याद रखें कि लोड होने पर इलेक्ट्रिक वाहनों की 'स्टॉपिंग डिस्टेंस' बढ़ जाती है, इसलिए आगे वाले वाहन से सुरक्षित दूरी बनाकर रखें।
* बारिश में सावधानी: बैटरी और कंट्रोलर वाटरप्रूफ होते हैं, फिर भी गहरे जलभराव वाले रास्तों पर जाने से बचें ताकि शॉर्ट-सर्किट का खतरा न रहे।
> विट की बात: ई-रिक्शा को 'हाईवे का राजा' समझने की गलती न करें; इसकी ताकत इसकी बचत में है, रफ्तार में नहीं!
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