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भारत सरकार द्वारा अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय के लोगों को उत्पीड़न, भेदभाव और प्रताड़ना से सुरक्षा प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय अत्याचार रोधी हेल्पलाइन (National Helpline Against Atrocities - NHAA) जारी की गई है।
टोल-फ्री नंबर
- टोल-फ्री नंबर: 14566
- उपलब्धता: 24 घंटे (Round the Clock - 24x7)
- भाषाएं: हिंदी, अंग्रेजी और विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध।
हेल्पलाइन के मुख्य प्रावधान और विशेषताएं
- सिंगल प्वाइंट ऑफ कांटेक्ट (Single Point of Contact): देश भर के किसी भी मोबाइल या लैंडलाइन नेटवर्क से 14566 पर मुफ्त कॉल या VOIP कॉल करके सीधे शिकायत या सहायता दर्ज कराई जा सकती है।
- FIR पंजीकरण में सहायता: हेल्पलाइन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत मिलने वाली शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर प्राथमिक दर्ज (FIR) किया जाए।
- डॉकेट नंबर और ऑनलाइन ट्रैकिंग (Docket Number & Tracking): शिकायत दर्ज होते ही पीड़ित या शिकायतकर्ता को एक डॉकेट नंबर (Docket Number) आवंटित किया जाता है। इसके जरिए वेब-पोर्टल के माध्यम से शिकायत की स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक किया जा सकता है।
- स्वचालित फीडबैक और अनुपालन प्रणाली (Auto Compliance): यह हेल्पलाइन सीधे राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के संबंधित अधिकारियों से जुड़ी है। शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग और पुलिस प्रशासन को ऑटोमैटिक मैसेज व ईमेल रिमाइंडर भेजे जाते हैं।
- कानूनी व राहत प्रावधानों की जानकारी:
इसके माध्यम से पीड़ितों को अत्याचार निवारण अधिनियम (PoA Act, 1989) और नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम (PCR Act, 1955) के तहत मिलने वाले कानूनी अधिकारों, पुलिस सहायता और वित्तीय राहत/मुआवजे की पूरी जानकारी दी जाती है।
अन्य आपातकालीन संपर्क माध्यम
- राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) टोल-फ्री नंबर: 1800-11-8888
- आपातकालीन पुलिस सेवा: 112
- ऑनलाइन शिकायत पोर्टल: NCSC ऑनलाइन शिकायत पोर्टल (
ncsc.nic.in) या NCST पोर्टल पर जाकर भी सीधे शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
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