त्योहारी सीजन में सोना-चांदी खरीदते समय धोखाधड़ी से बचने के लिए सतर्कता और सही जानकारी होना आवश्यक है।
1. त्योहारों में नकली सोना-चांदी पहचानने के तरीके
* BIS CARE ऐप पर HUID की जाँच: आभूषण पर छपे 6-अंकों के HUID कोड को BIS CARE मोबाइल ऐप में 'Verify HUID' विकल्प में डालकर जांचें। यह तुरंत दिखाएगा कि आभूषण किस ज्वैलर ने बनवाया है, उसकी शुद्धता (कैरेट) क्या है और हॉलमार्किंग केंद्र कौन सा है।
* तीन आधिकारिक चिह्नों की जाँच करें: असली हॉलमार्क वाली गोल्ड ज्वैलरी में 3 निशान होते हैं:
* BIS का त्रिभुज (Triangle) लोगो
* शुद्धता का निशान (जैसे 22K916 या 18K750)
* 6 अंकों का Alphanumeric HUID कोड (उदा. AZ4F9P)
* चुंबक परीक्षण (Magnet Test): असली सोना या शुद्ध चांदी चुंबकीय नहीं होती है। यदि आभूषण चुंबक की ओर तेजी से आकर्षित होता है, तो उसमें लोहे या अन्य धातुओं की मिलावट है।
* बर्फ का परीक्षण (चांदी के लिए): चांदी ऊष्मा की बेहतरीन चालक (Good Conductor) होती है। अगर आप चांदी के सिक्के या आभूषण पर बर्फ का टुकड़ा रखते हैं, तो वह बहुत तेजी से पिघलने लगेगा।
* पक्का बिल लें: खरीदारी के बाद ज्वैलर से पक्का जीएसटी बिल (Tax Invoice) जरूर लें, जिसमें आपके खरीदे गए आभूषण का वजन, शुद्धता (कैरेट) और उसका HUID नंबर स्पष्ट दर्ज हो।
2. क्या है HUID व्यवस्था?
HUID (Hallmark Unique Identification) एक 6 अंकों का यूनिक अल्फा-न्यूमेरिक कोड (अक्षरों और संख्याओं का मिश्रण) होता है।
* पहचान और पता लगाने की क्षमता (Traceability): यह आधार कार्ड की तरह हर एक आभूषण की अपनी अलग विशिष्ट पहचान है।
* गुणवत्ता और सुरक्षा की गारंटी: HUID लगने के बाद ज्वैलर आभूषण की शुद्धता में कोई हेरफेर नहीं कर सकता। इससे ग्राहक धोखाधड़ी से सुरक्षित रहता है और आभूषण को दोबारा बेचने या बदलने में कोई परेशानी नहीं होती।
3. कौन-सी श्रेणियां हॉलमार्किंग के दायरे में हैं?
* सोना (Gold): भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा अनिवार्य हॉलमार्किंग के तहत सोने की निम्नलिखित शुद्धता श्रेणियों को मान्यता दी गई है:
* 24K (999 - शुद्ध सोना / सिक्के / बार)
* 23K (958)
* 22K (916 - सबसे लोकप्रिय)
* 20K (833)
* 18K (750 - डायमंड/स्टोन ज्वैलरी के लिए)
* 14K (585)
* 9K (375)
* चांदी (Silver): चांदी के लिए HUID आधारित हॉलमार्किंग (800, 835, 925, 958, 970, 990, 999 ग्रेड) वर्तमान में मुख्य रूप से ऐच्छिक (Voluntary) व्यवस्था के रूप में लागू है।
4. किन पर और क्या हो रही है कार्रवाई?
भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) और उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा नकली या बिना हॉलमार्क वाले सोने की बिक्री रोकने के लिए व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं:
* बिना HUID के आभूषण बेचने पर कार्रवाई: देश के अधिसूचित जिलों में बिना 6-अंकों वाले HUID हॉलमार्क के सोने के आभूषण बेचना गैर-कानूनी है। उल्लंघन करने वाले ज्वैलर्स पर सख्त कार्रवाई की जाती है।
* छापेमारी और जब्ती (Search & Seizure): BIS की प्रवर्तन टीमें फर्जी हॉलमार्किंग (Fake Hallmarking) करने वाले सेंटरों, अवैध कारखानों और नियमों की अनदेखी करने वाली ज्वैलरी दुकानों पर सीधे छापेमारी कर रही हैं और करोड़ों रुपये मूल्य का फर्जी हॉलमार्क वाला सोना जब्त कर रही हैं।
* कड़े जुर्माना और सजा के प्रावधान:
* BIS अधिनियम के तहत फर्जी हॉलमार्किंग या बिना पंजीकरण हॉलमार्क वाला सोना बेचने पर कम से कम ₹2,00,000 या जब्त आभूषण के मूल्य के 10 गुना तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
* इसमें 2 साल तक की जेल का भी प्रावधान है।
* दुकानों के लाइसेंस का रद्दीकरण: यदि कोई पंजीकृत ज्वैलर भी फर्जी HUID या कम शुद्धता वाला सोना बेचते पकड़ा जाता है, तो उसका BIS रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाता है।
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