भारत में खराब पानी से होने वालीं बीमारी किन किन राज्यों में ज्यादा हे ?


 भारत में दूषित और गंदा पानी पीने से स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) और विभिन्न स्वास्थ्य रिपोर्टों के अनुसार, देश के कई राज्य पानी की खराब गुणवत्ता (जैसे आर्सेनिक, फ्लोराइड, नाइट्रेट और सीवेज प्रदूषण) से गंभीर रूप से जूझ रहे हैं।

1. खराब पानी से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य

सरकारी और शोध रिपोर्टों के अनुसार निम्नलिखित राज्यों में भूजल और पेयजल की गुणवत्ता सबसे अधिक खराब पाई गई है:

  • राजस्थान, हरियाणा और पंजाब: इन राज्यों के भूजल में फ्लोराइड और नाइट्रेट की मात्रा तय मानक से बहुत अधिक है, जिससे लोगों की हड्डियां कमजोर होने और गंभीर बीमारियां फैलने का खतरा रहता है।
  • बिहार और पश्चिम बंगाल: इन दोनों राज्यों के कई जिलों में भूजल में आर्सेनिक (Arsenic) का स्तर खतरनाक हद तक ज्यादा है।
  • उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश: यूपी (विशेषकर एनसीआर क्षेत्र जैसे नोएडा-ग्रेटर नोएडा) और मध्य प्रदेश (जैसे इंदौर आदि शहर) में पुरानी पाइपलाइनों में सीवर का पानी मिलने के कारण जलजनित बीमारियों के बड़े प्रकोप देखने को मिले हैं।
  • गुजरात, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना: इन राज्यों के कुछ हिस्सों में पानी में लवणता (Salinity) और हानिकारक केमिकल्स की मात्रा अधिक पाई गई है।
  • पूर्वोत्तर राज्य (असम, मणिपुर आदि): यहां के पानी में प्राकृतिक रूप से आयरन और मैंगनीज की अधिकता एक बड़ी समस्या है। 

2. गंदे पानी से देश में क्या-क्या घटनाएं और हालात घट रहे हैं?

दूषित पानी के कारण देश में समय-समय पर गंभीर स्वास्थ्य आपातकाल और त्रासदियां सामने आती हैं:

  • डायरिया और उल्टी-दस्त का प्रकोप (मौतें और अस्पताल भरना): देश के अलग-अलग हिस्सों (जैसे हाल ही में इंदौर, जयपुर और एनसीआर के शहरों में) में जब पीने के पानी की पाइपलाइन में सीवर का गंदा पानी मिल जाता है, तो रातों-रात हजारों लोग डायरिया, उल्टी और पेट दर्द की चपेट में आ जाते हैं। कई बार इस कारण से बच्चों और बुजुर्गों की जान तक चली जाती है।
  • पीलिया (Hepatitis A & E) और टाइफाइड का फैलना: गंदे पानी में मौजूद बैक्टीरिया और वायरस सीधे लिवर पर हमला करते हैं। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गांधीनगर जैसे शहरी इलाकों में दूषित पानी की वजह से हेपेटाइटिस और टाइफाइड के मरीजों की संख्या में अचानक भारी उछाल देखने को मिलता है।
  • फ्लोराइड से विकलांगता: बिहार (जैसे रोहतास क्षेत्र) और कई अन्य ग्रामीण इलाकों में अत्यधिक फ्लोराइड युक्त पानी पीने से लोग समय से पहले दिव्यांग (हड्डियों और जोड़ों की गंभीर समस्या से ग्रस्त) हो रहे हैं।
  • किडनी फेल और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां: डॉक्टरों के अनुसार, गंदे पानी में लेड, कैडमियम और आर्सेनिक जैसे भारी मेटल्स (Heavy Metals) होते हैं, जिन्हें लंबे समय तक पीने से लोगों की किडनी खराब हो रही है, आंतों में गंभीर सूजन और यहां तक कि कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियां भी घर कर रही हैं।
  • बच्चों के विकास पर असर: गंदे पानी के कारण होने वाले बार-बार के संक्रमण से बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है।

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