सेहत के लिए फायदेमंद माने जाने वाले नारियल पानी और कच्चे नारियल में भी मुनाफे की खातिर मिलावटखोरी और धांधली के मामले सामने आए हैं क्युकी नारियल पानी या कच्चा नारियल भी सबसे ज्यादा बिकने वाले पेय पदार्थ में शामिल हो चुका है। बाजार में इसकी भारी मांग के कारण मिलावटखोर मुख्य रूप से 3 तरीकों/फ़ार्मुलों का इस्तेमाल करते हैं:
1. नारियल पानी में मिलावट का फ़ॉर्मूला
- पानी और चीनी/ग्लूकोज मिलाना: सूखे या कम पानी वाले हरे नारियल में छेद करके या सिरिंज (इंजेक्शन) की मदद से साधारण पानी और सस्ते शुगर सिरप या आर्टिफिशियल स्वीटनर को मिला दिया जाता है, ताकि नारियल भारी लगे और पानी मीठा लगे।
- केमिकल और फ्लेवर का इस्तेमाल: फीके या बासी पानी को प्राकृतिक और ताज़ा जैसा स्वाद देने के लिए सिंथेटिक फ्लेवर और प्रिजर्वेटिव्स मिलाए जाते हैं।
- पैक्ड/बोतलबंद नारियल पानी में गुमराह करने वाले दावे: FSSAI के अनुसार, कई पैक्ड नारियल पानी कंपनियां "100% Pure" या "100% Natural" लिखकर बेचती हैं, जबकि उनमें आर्टिफिशियल शुगर, सोडियम benzoate या प्रिजर्वेटिव्स मिले होते हैं।
2. कच्चे नारियल (गिट/मलाई) में मिलावट
- सल्फाइट/केमिकल ब्लीचिंग: छिले हुए कच्चे नारियल को लंबे समय तक सफेद और ताज़ा दिखाने के लिए सोडियम मेटाबायसल्फाइट जैसे रसायनों में भिगोया या धोया जाता है, जिससे नारियल काला नहीं पड़ता।
- सस्ते मेवे या वसा का मिलावट (प्रोसेस्ड प्रोडक्ट में): घिसे हुए (Desiccated) या सूखे नारियल में कई बार सस्ते स्टार्च या आर्टिफिशियल ऑयल की कटिंग की जाती है।
असली और मिलावटी नारियल पानी की पहचान कैसे करें?
- प्राकृतिक स्वाद: असली नारियल पानी का स्वाद एकदम तेज मीठा नहीं होता; यह हल्का और प्राकृतिक रूप से थोड़ा नमकीन (सोडियम-पोटेशियम युक्त) होता है।
- नारियल का छेद या निशान देखें: नारियल खरीदते समय ध्यान दें कि उसकी आंख (ऊपरी हिस्से) या छिलके पर इंजेक्शन या छेद का कोई संदिग्ध निशान न हो।
- झाग और स्थिरता: यदि ताज़ा कटवाने पर पानी में साबुन जैसा झाग बने या उसमें से केमिकल/सिरके जैसी गंध आए, तो वह मिलावटी या बासी हो सकता है।
- सामने ही कटवाएं: किसी भी पैकेज्ड ब्रांड के बजाय अपनी आंखों के सामने ताज़ा नारियल कटवाकर पीना सबसे सुरक्षित विकल्प है।
टिप्पणियाँ