यूपीआई से पेमेंट लेने में आनाकानी पड़ सकती है भारी ?


यूपीआई (UPI) से भुगतान स्वीकार करने में आनाकानी करना या ग्राहकों से एक्स्ट्रा चार्ज मांगना दुकानदारों और व्यापारियों दोनों के लिए कानूनी व व्यावहारिक रूप से भारी पड़ सकता है।

हाल ही में ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा मर्चेंट पेमेंट्स पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर कुछ दुकानदारों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है, लेकिन अगर कोई व्यापारी UPI स्वीकार करने से मना करता है या ग्राहक पर अतिरिक्त शुल्क डालता है, तो उसे निम्नलिखित नुकसान हो सकते हैं:

1. कानूनी कार्रवाई और पेनल्टी (RBI एवं NPCI नियम)

  • मर्चेंट अकाउंट सस्पेंड होना: बैंक और पेमेंट गेटवे (जैसे Paytm, PhonePe, Google Pay, Razorpay) के सेवा नियमों के अनुसार, मर्चेंट किसी भी वैध भुगतान माध्यम को स्वीकार करने से मना नहीं कर सकते। शिकायत मिलने पर उनका QR कोड या मर्चेंट अकाउंट ब्लॉक किया जा सकता है।
  • अतिरिक्त चार्ज वसूलने पर रोक: नियम के मुताबिक अगर मर्चेंट पर कोई MDR या सर्विस चार्ज लागू होता भी है, तो वह मर्चेंट की प्रोसेसिंग लागत होती है। इसे जबरन ग्राहक के बिल में जोड़ना ("Surcharging") गैर-कानूनी है।

2. आयकर विभाग (Income Tax) की नजर

  • डिजिटल पेमेंट से दूरी का संदेह: धारा 269SU के तहत एक निश्चित सीमा से अधिक कारोबार करने वाले व्यवसायियों को डिजिटल भुगतान विकल्प देना अनिवार्य होता है। केवल कैश की जिद करने पर आयकर विभाग टैक्स चोरी या अकाउंट्स छुपाने के संदेह में जांच शुरू कर सकता है।

3. ग्राहकों और व्यापार का नुकसान

  • बिक्री में गिरावट: आज अधिकांश ग्राहक कैश लेकर नहीं चलते। UPI मना करने पर ग्राहक दूसरी दुकान या ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म का रुख कर लेते हैं।
  • प्रतिस्पर्धा में पिछड़ाव: डिजिटल पेमेंट स्वीकार न करने वाले दुकानदार अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में पीछे छूट जाते हैं।

MDR (मर्चेंट चार्ज) से जुड़ा सच:

  1. छोटे कारोबारियों पर कोई असर नहीं: ₹1.5 करोड़ तक सालाना टर्नओवर वाले किराना व छोटे दुकानदारों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
  2. ₹2,000 से कम के ट्रांजेक्शन पूरी तरह फ्री: रोज़मर्रा के 95% से अधिक लेन-देन पूरी तरह मुफ्त हैं।
  3. ग्राहकों के लिए 100% फ्री: ग्राहकों को UPI से पैसे भेजने या दुकान पर पेमेंट करने के लिए कभी भी कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं देना है। हमारी और ब्लॉक पढ़ने के लिए आप अन्य लिंक पर क्लिक कर ब्लॉक पढ़ना जारी रख सकते हैं !

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