3 सितंबर को पूर्व विधायक शूरवीर सिंह चौहान के मूर्ति का अनावरण लखवाड ग्राम जौनसार चकराता विधानसभा उत्तराखंड जो कि सिर्फ एक बार विधायक बने ?

3 सितंबर को लखवाड़ (जौनसार-चकराता) में पूर्व विधायक स्वर्गीय शूरवीर सिंह चौहान की मूर्ति का अनावरण इस जनजातीय क्षेत्र के प्रति उनके ऐतिहासिक योगदान और दूरदर्शी जनसेवा का सम्मान है। भले ही वे केवल एक बार विधायक रहे, लेकिन कालसी ब्लॉक क्षेत्र में इंटर कॉलेज, लखवाड़ स्कूल, बैंक और अन्य सरकारी संस्थानों की स्थापना कराकर उन्होंने जो बुनियादी ढांचा तैयार किया, उसने भावी पीढ़ियों के विकास का मार्ग प्रशस्त किया। निर्दलीय से लेकर विभिन्न राजनीतिक मंचों तक उनकी यात्रा हमेशा जनहित से जुड़ी रही, और लेखक/समाजसेवी सुदेश तोमर (पूर्व निर्दलीय प्रत्याशी टिहरी लोक सभा 2024 के रह चुके हैं और राष्ट्रीय पुकार स्किल डवलपमेंट फाउंडेशन-P.S.D.F के संस्थापक और चकराता विधानसभा में उत्तराखंड मानव अधिकार के हनन के तहत मामले की सुनवाई भी इनके फाउंडेशन द्वारा करी जा रही है) जैसे स्थानीय नेता व युवाओं के लिए उनके कार्य आज भी प्रेरणा स्रोत हैं। चकराता विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस का दशकों से मजबूत गढ़ रहा है, जहाँ मुन्ना सिंह चौहान (जो वर्तमान में विकासनगर से भाजपा विधायक हैं), मधु चौहान,रावत जी, रामशरण नौटियाल और अन्य दिग्गजों के प्रयासों के बावजूद भाजपा अब तक खाता नहीं खोल पाई है। ऐसे में **युवा नेतृत्व के उभार** और **2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा का परचम लहराने** के लिए निम्नलिखित रणनीतिक दिशा-निर्देश अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं: ### 1. युवाओं को नेतृत्व में आगे लाना * **ज़मीनी कार्यकर्ताओं को अवसर:** पार्टी के बड़े टिकट वितरण और वरिष्ठ दिग्गजों पर अति-निर्भरता से इतर स्थानीय सामाजिक अनुभव वाले युवाओं (जैसे सामाजिक संस्थाओं या कौशल विकास से जुड़े कर्मठ कार्यकर्ताओं) को संगठन में मुख्य भूमिका देनी होगी। * **युवा संसद और जनसंवाद:** जौनसार-बाबर क्षेत्र के दूरस्थ गाँवों में शिक्षा, स्वरोजगार, पलायन और स्थानीय संसाधनों के उपयोग को लेकर 'युवा संवाद' अभियानों का संचालन करना होगा ताकि नई पीढ़ी को सीधे संगठन से जोड़ा जा सके। ### 2. पुरानी गुटबाजी और अंतर्विरोधों का अंत * **एकजुटता और साझा मंच:** वरिष्ठ नेताओं (मुन्ना चौहान, मधु चौहान, नौटियाल परिवार और स्थानीय दिग्गजों) को अपने-अपने प्रभाव क्षेत्रों को एक साथ लाकर 'एकजुट चकराता' का संदेश देना होगा। गुटबाजी ही अब तक कांग्रेस की जीत की सबसे बड़ी वजह रही है। * **सामूहिक नेतृत्व:** टिकट को लेकर होने वाले आंतरिक मतभेदों को चुनाव से काफी पहले सुलझाकर पूरी ताकत प्रत्याशी के पक्ष में लगानी होगी। ### 3. स्वर्गीय शूरवीर सिंह चौहान जैसे जननायकों की विरासत का सम्मान * **विकास आधारित राजनीति:** शूरवीर सिंह चौहान ने जिस तरह बिना किसी बड़े राजनीतिक बैकग्राउंड के केवल विकास कार्य (स्कूल, कॉलेज, बैंक) करके जनता का दिल जीता, उसी 'काम की राजनीति' को भाजपा को अपना मुख्य चुनावी एजेंडा बनाना होगा। * **सांस्कृतिक और जनसांख्यिकीय मुद्दों पर फोकस:** जौनसार-बाबर की विशिष्ट जनजातीय संस्कृति, भूमि अधिकारों और स्थानीय अधिकारों की रक्षा के लिए पार्टी को एक मजबूत ड्राफ्ट प्रस्तुत करना होगा। ### 4. कांग्रेस के गढ़ में सेंधमारी की रणनीति * **बूथ स्तर का प्रबंधन:** चकराता के दूरदराज के पर्वतीय गाँवों में कांग्रेस का जो पारंपरिक वोट बैंक है, उसमें सेंध लगाने के लिए 'बूथ जीतो, चुनाव जीतो' की रणनीति पर काम करना होगा। * **धरातलीय जन-कल्याण योजनाएं:** केंद्र (मोदी सरकार) और राज्य (धामी सरकार) की कल्याणकारी योजनाओं को हर आदिवासी घर तक पहुँचाकर उनके लाभार्थियों को पार्टी के साथ जोड़ना होगा। जब पार्टी संगठन वरिष्ठ नेताओं के अनुभव, युवाओं की ऊर्जा और स्वर्गीय शूरवीर सिंह चौहान जैसे नेताओं के विकासवादी विज़न को एक साथ मिलाकर धरातल पर उतारेगी, तभी चकराता में पहली बार कमल खिलने और इतिहास बदलने की संभावना बनेगी। क्या आपके अनुसार 2027 के लिए चकराता में किसी नए/युवा चेहरे को आगे लाना ही सबसे असरदार विकल्प होगा, या वरिष्ठ नेताओं के साझा प्रभाव से रणनीति बनानी चाहिए?

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