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भारत सरकार ने उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए BIS (Bureau of Indian Standards / भारतीय मानक ब्यूरो) नियमों के तहत USB-C केबल, चार्जिंग पोर्ट और टेम्पर्ड ग्लास (स्क्रीन प्रोटेक्टर) के लिए मानक लागू करने की अलग-अलग समय-सीमा (Timelines) तय की है:
1. USB-C केबल और चार्जर (Common Charger Standard)
भारत में ई-वेस्ट (e-waste) कम करने और सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए एक ही चार्जर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से USB Type-C को अनिवार्य बनाया गया है:
* स्मार्टफोन (Smartphones): 2025 से पूरी तरह अनिवार्य किया गया। भारत में बिकने वाले सभी नए एंड्रॉयड (Android) और आईफोन (iPhone) में USB-C पोर्ट और केबल होना अनिवार्य है।
* टैबलेट (Tablets): 2026 से सभी नए टैबलेट में USB Type-C मानक लागू किया जा चुका है।
* लैपटॉप (Laptops): दिसंबर 2026 तक सभी नए लैपटॉप के लिए USB-C चार्जिंग सपोर्ट देना अनिवार्य होगा।
* छूट (Exceptions): बेसिक कीपैड (Feature) फोन्स, स्मार्टवॉच और फिटनेस बैंड्स को फिलहाल इस नियम से बाहर रखा गया है।
2. मोबाइल स्क्रीन प्रोटेक्टर / टेम्पर्ड ग्लास (Screen Protectors)
स्मार्टफोन के टेम्पर्ड ग्लास और स्क्रीन गार्ड की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने नए मानक अधिसूचित किए हैं:
* लागू होने की तिथि: 1 अप्रैल 2027 से अनिवार्य होंगे।
* नया मानक (Standard): सभी निर्माताओं और आयातकों को अपने टेम्पर्ड ग्लास और स्क्रीन गार्ड को IS 19348:2025 के तहत BIS रजिस्टर्ड कराना होगा।
* कारण: बाज़ार में मिलने वाले घटिया और बिना किसी गुणवत्ता वाले टेम्पर्ड ग्लास टूटने पर खतरनाक साबित हो सकते थे और टच स्क्रीन की स्पष्टता/संवेदनशीलता को प्रभावित करते थे। अब निर्धारित परीक्षण के बाद ही इन्हें बेचा जा सकेगा।
मुख्य बिंदु:
* पुराने उपकरण काम करते रहेंगे: ये मानक नए बनने वाले और बाजार में बिकने वाले नए उत्पादों पर लागू होंगे, आपके पुराने फोन या चार्जर का इस्तेमाल आप जारी रख सकते हैं।
* सस्ते उत्पादों पर प्रभाव: BIS मानकों के कड़े होने के बाद बिना ब्रांड या घटिया क्वालिटी के लोकल टेम्पर्ड ग्लास और नकली केबल धीरे-धीरे बाज़ार से समाप्त हो जाएंगे।
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