भारतीय बाजार में पैकेट बंद चिप्स नमकीन बिस्किट आदि बांट रहे हैं अचानक मौत बढ़ता चलन पैकेट बंद खाने का ?

पैकेट बंद खाने (Ultra-Processed Foods / UPFs) जैसे चिप्स, नमकीन, बिस्किट और रेडी-टू-ईट स्नैक्स की वजह से युवाओं और वयस्कों में अचानक गंभीर बीमारियों और कार्डियक अरेस्ट (अचानक मौत) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। भारत का एफएमसीजी (FMCG) बाजार, सुपरमार्केट और रिटेल स्टोर्स इस खतरनाक रणनीति और उसके गंभीर दुष्परिणामों से काफी प्रभावित हो रहे हैं: ### 1. पैकेट बंद खाना और 'अचानक मौत' का कनेक्शन * **सोडियम और पाम ऑयल की अधिकता:** इन स्नैक्स में प्रोसेस्ड नमक (सोडियम), खराब फैट (पाम ऑयल व ट्रांस फैट) और मैदा अत्यधिक मात्रा में होता है। इससे रक्तचाप (BP) तेजी से बढ़ता है और धमनियों में ब्लॉकेज (Artery Blockage) होता है। * **केमिकल और प्रिजर्वेटिव्स:** इनमें शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए डाले जाने वाले केमिकल (जैसे BHA, BHT) और कृत्रिम स्वाद (Flavors) शरीर में अंदरूनी सूजन (Inflammation) पैदा करते हैं। * **कार्डियोवैस्कुलर जोखिम:** शोध से पता चलता है कि रोजाना अत्यधिक अल्ट्रा-प्रोसेस्ड भोजन करने से दिल का दौरा (Heart Attack) और स्ट्रोक का खतरा 50% से 67% तक बढ़ जाता है। ### 2. भारतीय बाजार में '1 के साथ 1 फ्री' का खतरनाक खेल भारत जैसे विकासशील और मूल्य-संवेदनशील (Price-Sensitive) बाजारों में कंपनियां बिक्री बढ़ाने के लिए आक्रामक मार्केटिंग तकनीकों का उपयोग करती हैं: * **बाय 1 गेट 1 फ्री (Buy 1 Get 1 Free) और भारी छूट:** मॉल और रिटेल दुकानों में घटिया क्वालिटी या एक्सपायरी के करीब पहुंचे जंक फूड पर बड़े ऑफर दिए जाते हैं, ताकि उपभोक्ता बिना सोचे-समझे ज्यादा मात्रा में खरीद लें। * **सस्ते एडिटिव्स और घटिया सामग्री:** विकसित देशों की तुलना में भारत जैसे विकासशील बाजारों में कठोर नियम न होने के कारण कंपनियां सस्ते पाम ऑयल, कृत्रिम रंग और ज्यादा चीनी/नमक का इस्तेमाल कर मार्जिन बचाती हैं और ऑफर्स निकालती हैं। * **बच्चों और युवाओं को टारगेट करना:** लुभावने पैकेजिंग और टीवी/सोशल मीडिया विज्ञापनों के जरिए ऐसे खाने की लत (Addiction) लगाई जाती है। ### 3. विकसित देशों में ऐसा क्यों नहीं होता? विकसित देशों (जैसे यूरोपीय संघ, ब्रिटेन, या चिली) में स्थितियां भारत और अन्य विकासशील देशों से अलग हैं: | पहलू | विकसित देश (Developed Countries) | भारत व विकासशील देश | |---|---|---| | **फ्रंट-ऑफ-पैक लेबलिंग (Warning Labels)** | पैकेट के आगे 'High Sugar/Salt/Fat' के स्पष्ट ब्लैक/रेड चेतावनी लेबल अनिवार्य होते हैं। | भारत में अब जाकर एफएसएसएआई (FSSAI) द्वारा चेतावनी लेबल लागू करने पर काम हो रहा है। | | **प्रिजर्वेटिव्स पर प्रतिबंध** | पाम ऑयल, घटिया ट्रांस-फैट और कई खतरनाक केमिकल्स/रंगों पर सख्त प्रतिबंध है। | सस्ते पाम ऑयल और हाइड्रोजनेटेड ऑयल का धड़ल्ले से इस्तेमाल होता है। | | **ऑफर्स और विज्ञापन पर रोक** | कई यूरोपीय देशों में जंक फूड पर '1 के साथ 1 फ्री' जैसे ऑफर्स देने और बच्चों के कंटेंट के बीच विज्ञापन दिखाने पर रोक है। | मॉल और रिटेल स्टोर्स में बिना किसी रोक-टोक के आक्रामक डिस्काउंट और प्रमोशनल ऑफर्स दिए जाते हैं। | | **उपभोक्ता जागरूकता** | लोग न्यूट्रिशन टेबल और सामग्री (Ingredients) पढ़कर खरीदारी करते हैं। | उपभोक्ता अक्सर स्वाद और कम कीमत/ऑफर देखकर सामान खरीदते हैं। | ### बचाव के उपाय 1. **पैकेट के पीछे की सामग्री पढ़ें:** यदि पैकेट पर पाम ऑयल, रिफाइंड फ्लोर (मैदा), कृत्रिम रंग या अत्यधिक सोडियम लिखा हो, तो उससे बचें। 2. **पारंपरिक स्नैक्स अपनाएं:** पैकेट बंद चिप्स-नमकीन की जगह भुना चना, मखाना, मूंगफली या ताजे फल चुनें। 3. **'फ्री' के जाल से बचें:** '1 के साथ 1 फ्री' देखकर स्वास्थ्य से समझौता न करें।

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