भारत के राजमार्ग इंफ्रास्ट्रक्चर की वर्तमान स्थिति हालिया आंकड़ों के अनुसार ?


सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) और NHAI (National Highways Authority of India) के हालिया आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार भारत के राजमार्ग इंफ्रास्ट्रक्चर की वर्तमान स्थिति:

1. राजमार्ग नेटवर्क और निर्माण की गति (Highway Network)

 * कुल राष्ट्रीय राजमार्ग लंबाई: भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों का कुल नेटवर्क लगभग 1,46,572 किलोमीटर तक पहुंच चुका है। (वर्ष 2014 में यह ~91,287 किमी था, यानी नेटवर्क में लगभग 61% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है)।

 * 4-लेन और उससे अधिक चौड़े हाईवे: 4-लेन या उससे अधिक चौड़ाई वाले राजमार्गों की लंबाई बढ़कर 48,500+ किमी हो गई है।

 * हाई-स्पीड कॉरिडोर व एक्सप्रेसवे: एक्सेस-नियंत्रित (Access-controlled) हाई-स्पीड कॉरिडोर और एक्सप्रेसवे की लंबाई 2014 के मात्र 93 किमी से बढ़कर अब 3,050+ किमी से अधिक हो चुकी है।

 * निर्माण की गति: विभिन्न परियोजनाओं के तहत औसतन 28 से 33 किलोमीटर प्रति दिन की दर से राजमार्गों का निर्माण और विस्तार हो रहा है।

2. बजटीय आवंटन और संपत्ति मुद्रीकरण (Finances & Monetization)

 * वार्षिक बजट: केंद्रीय बजट में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के लिए ₹3.09 लाख करोड़ से अधिक का आवंटन किया गया है, जिसमें से बड़ा हिस्सा (~₹1.87 लाख करोड़) सीधे NHAI को दिया गया है।

 * एसेट मोनेटाइजेशन (Asset Monetization): TOT (Toll-Operate-Transfer) और InvIT (Infrastructure Investment Trust) के माध्यम से NHAI ने चालू वित्त वर्ष में लगभग ₹28,000+ करोड़ जुटाए हैं। 2018-19 से लेकर अब तक NHAI मुद्रीकरण के जरिए ₹1.70 लाख करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त कर चुका है।

3. टोल संग्रह और डिजिटल पहल (FASTag & GNSS)

 * FASTag उपयोग दर: देश भर के टोल प्लाजा पर 98% से अधिक टोल संग्रह डिजिटल रूप से FASTag के माध्यम से होता है।

 * सक्रिय FASTag संख्या: देश में 8 करोड़ से अधिक वाहनों में FASTag सक्रिय हैं।

 * GNSS (सैटेलाइट आधारित टोलिंग): NHAI और मंत्रालय ने चुनिंदा राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर GNSS-आधारित (Global Navigation Satellite System) बिना बाधा वाले टोल संग्रह का परीक्षण और चरणबद्ध क्रियान्वयन शुरू किया है, जिससे टोल प्लाजा पर रुकने की आवश्यकता नहीं होगी।

4. पर्यावरण और भविष्य के लक्ष्य (Green Highways & Future Targets)

 * ग्रीन हाईवे पहल: पिछले 5 वर्षों में राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे 3.61 करोड़ से अधिक पौधे/पेड़ लगाए गए हैं।

 * आगामी परियोजनाएं: सरकार ने 2030-2033 तक देश भर में 17,000 किलोमीटर नए हाई-स्पीड और एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर बनाने का विजन तैयार किया है, जिसमें दिल्ली-मुंबई, बेंगलुरु-चेन्नई, और रायपुर-विशाखापट्टनम जैसे प्रमुख एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट शामिल हैं।


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