NHAI के ताजे आंकड़े 2025-26 रोड एक्सीडेंट पर किया कहते हे ?


सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) और NHAI द्वारा संसद में प्रस्तुत किए गए नवीनतम आंकड़ों (2025-26 डेटा) के अनुसार भारत में सड़क दुर्घटनाओं, मौतों, सड़क सुरक्षा और सुधार से जुड़ी स्थिति इस प्रकार है:

1. कुल सड़क दुर्घटनाएं और मौतें (Accidents & Fatalities)

  • देशभर में कुल दुर्घटनाएं (2025): 2025 में देश भर में कुल 5,13,563 (5.13 लाख से अधिक) सड़क हादसे दर्ज किए गए।
  • कुल मौतें (Casualties): इनमें 1,83,382 लोगों की जान गई (औसतन 502 मौतें प्रतिदिन या लगभग 21 मौतें हर घंटे)।
  • राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) पर स्थिति: हालांकि कुल देश में दुर्घटनाएं 5.3% बढ़ीं, लेकिन नेशनल हाईवे पर मौतों में लगभग 4% की गिरावट दर्ज की गई।
  • वर्ष 2026 की पहली छमाही (Jan-June 2026): वर्ष 2026 के पहले 6 महीनों में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा 2,85,770 दुर्घटनाएं रिपोर्ट की गईं।

2. किन राज्यों और सड़कों पर सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं/मौतें हुईं?

  • सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं (Accidents): तमिलनाडु (Tamil Nadu) में सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं (71,387 से अधिक) दर्ज की गईं।
  • सबसे ज्यादा मौतें (Fatalities): उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में सड़क दुर्घटनाओं के कारण सबसे ज्यादा मौतें (27,550) हुईं।
  • ब्लैक स्पॉट्स (Black Spots & Corridors):
    • सरकार ने देश भर में राष्ट्रीय राजमार्गों पर 6,358 दुर्घटना-संभावित क्षेत्र (Black Corridors/Spots) की पहचान की है।
    • पिछले 3 वर्षों में केवल इन ब्लैक स्पॉट्स पर 37,000 से अधिक लोगों की मौतें हुईं।
    • सरकार ने 100 ऐसे जिलों की पहचान की है जहां देश की सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं होती हैं।

3. रोड सेफ्टी (Road Safety) के लिए उठाए गए कदम

सड़क सुरक्षा सुधार और मौतों को 2030 तक 50% तक घटाने के लक्ष्य के तहत NHAI और मंत्रालय ने निम्नलिखित कदम उठाए हैं:

  1. 4E Strategy: रोड सेफ्टी के लिए Engineering (रोड/व्हीकल डिजाइन), Enforcement (नियम पालन), Education (जागरूकता), और Emergency Care (त्वरित इलाज) पर जोर दिया जा रहा है।
  2. ब्लैक स्पॉट्स का सुधार: दुर्घटना-संभावित ब्लैक स्पॉट्स में सुधार के लिए सिविल वर्क (फ्लाईओवर, अंडरपास, साइनेज) तेजी से किए जा रहे हैं।
  3. पुलों की मरम्मत: NHAI ने 471 पुलों में स्थानीय कमियों की पहचान की, जिनमें से 159 में सुधार का काम पूरा कर लिया गया है और बाकी पर काम जारी है।
  4. गोल्डन अवर और इमरजेंसी केयर: दुर्घटना पीड़ितों को तुरंत चिकित्सा सहायता देने के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों पर 1033 एम्बुलेंस हेल्पलाइन और ट्रॉमा केयर नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है।

4. भ्रष्टाचार (Corruption) और गुणवत्ता नियंत्रण

NHAI में पारदर्शिता लाने और घटिया निर्माण/भ्रष्टाचार रोकने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं:

  • 3D-LiDAR तकनीक: सड़कों और फ्लाईओवर निर्माण की गुणवत्ता की जांच के लिए डिजिटल और लेजर आधारित निगरानी लागू की गई है।
  • ठेकेदारों और सलाहकारों पर कार्रवाई: घटिया निर्माण या सुरक्षा मापदंडों में लापरवाही बरतने वाली निर्माण कंपनियों/कंसलटेंट्स को ब्लैकलिस्ट (Blacklist) किया जा रहा है और वित्तीय दंड (Heavy Fines) लगाए जा रहे हैं।
  • ई-टेंडरिंग और डिजिटल टोलिंग: मानव हस्तक्षेप कम करने और टोल लीकेज/रिश्वतखोरी रोकने के लिए FASTag (98%+ डिजिटल) और GNSS (सैटेलाइट आधारित टोलिंग) का क्रियान्वयन किया जा रहा है।

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