पांचवी अनुसूची में किन राज्यों के आदिवासियों को डाला गया है और कौन-कौन से क्षेत्र है ?


भारतीय संविधान की पाँचवीं अनुसूची (Fifth Schedule) के तहत पूर्वोत्तर के 4 राज्यों (असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम) को छोड़कर भारत के 10 राज्यों के कुछ विशेष आदिवासी बहुल क्षेत्रों (अनुसूचित क्षेत्रों) को शामिल किया गया है। राष्ट्रपति के आदेश द्वारा अधिसूचित इन 10 राज्यों और उनके प्रमुख अनुसूचित क्षेत्रों/जिलों का विवरण निम्नलिखित है: 1. आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) * प्रमुख क्षेत्र/जिले: विशाखापत्तनम, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी, श्रीकाकुलम और विजयनगरम (इन जिलों के कुछ विशिष्ट आदिवासी मंडल/ब्लॉक)। 2. तेलंगाना (Telangana) * प्रमुख क्षेत्र/जिले: आदिलाबाद, खम्मम, महबूबनगर और वारंगल के अधिसूचित आदिवासी बहुल हिस्से। 3. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) * पूर्ण या आंशिक जिले: बस्तर, दंतवाड़ा, कांकेर, बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर, कोंडागांव, सरगुजा, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर, जशपुर, कोरबा, रायगढ़, राजनांदगांव, और बिलासपुर के जनजातीय क्षेत्र। 4. गुजरात (Gujarat) * प्रमुख क्षेत्र/जिले: डांग, सूरत, भरूच, नर्मदा, तापी, वडोदरा, पंचमहल, दाहोद, साबरकांठा और वलसाड के अनुसूचित ब्लॉक/तालुका। 5. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) * पूर्ण व आंशिक जिले: लाहौल और स्पीति (पूर्ण जिला), किन्नौर (पूर्ण जिला), और चंबा जिले की पांगी तहसील व भरमौर उप-तहसील। 6. झारखंड (Jharkhand) * प्रमुख क्षेत्र/जिले: राँची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, दुमका, पाकुड़, साहिबगंज, जामताड़ा, लातेहार और पलामू। 7. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) * प्रमुख क्षेत्र/जिले: झाबुआ, धार, मंडला, डिंडोरी, बड़वानी, अलीराजपुर, खरगोन (पश्चिम निमाड़), शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, और रतलाम की सैलाना तहसील। 8. महाराष्ट्र (Maharashtra) * प्रमुख क्षेत्र/जिले: ठाणे, पालघर, नासिक, धुले, नंदुरबार, जलगांव, अहमदनगर, पुणे, नांदेड़, अमरावती, यवतमाल, गढ़चिरौली और चंद्रपुर के जनजातीय हिस्से। 9. ओडिशा (Odisha) * पूर्ण व आंशिक जिले: मयूरभंज, सुंदरगढ़, कोरापुट, रायगड़ा, नवरंगपुर, मलकानगिरी, कंधमाल, गंजम, गजपति, केओझर (केंदुझर), संबलपुर, और कालाहांडी। 10. राजस्थान (Rajasthan) * प्रमुख क्षेत्र/जिले: बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ (पूर्ण आदिवासी जिले), उदयपुर, सिरोही, चित्तौड़गढ़, पाली और राजसमंद के अधिसूचित ब्लॉक। पाँचवीं अनुसूची के क्षेत्र घोषित करने के मापदंड संविधान में किसी भी क्षेत्र को पाँचवीं अनुसूची (Scheduled Area) घोषित करने के लिए मुख्य रूप से इन चार बातों का ध्यान रखा जाता है: * आदिवासी आबादी का प्रभुत्व: उस क्षेत्र में अनुसूचित जनजातियों की घनी या बहुसंख्यक आबादी होना। * सघनता और आकार: क्षेत्र प्रशासनिक दृष्टिकोण से एक इकाई (जैसे ब्लॉक, तहसील या जिला) बनाने लायक हो। * आर्थिक पिछड़ापन: आसपास के अन्य क्षेत्रों की तुलना में उस क्षेत्र का आर्थिक रूप से पिछड़ा होना। * भौगोलिक भिन्नता: दुर्गम या पहाड़ी क्षेत्र जहाँ की प्रशासनिक आवश्यकताएं सामान्य क्षेत्रों से अलग हों। (नोट: इन क्षेत्रों में पूरे जिले के अलावा कई जगह केवल विशिष्ट तालुका या पंचायतें ही पाँचवीं अनुसूची के अंतर्गत आती हैं)।

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