2027 में मोबाइल एक्सेसरीज के लिए नए BIS मानक लागू कर रही है सरकार ?

भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) तथा भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने 1 अप्रैल 2027 से मोबाइल और उसके एक्सेसरीज के लिए नए अनिवार्य सुरक्षा और गुणवत्ता मानक निर्धारित किए हैं: 1. टेम्पर्ड ग्लास और स्क्रीन प्रोटेक्टर पर कड़े नियम सरकार ने स्मार्टफोन के टेम्पर्ड ग्लास और स्क्रीन गार्ड को अनिवार्य पंजीकरण आदेश (Compulsory Registration Scheme - CRS) के तहत शामिल किया है: * नया मानक (IS 19348:2025): 1 अप्रैल 2027 से भारत में बेचे या आयात किए जाने वाले सभी टेम्पर्ड ग्लास/स्क्रीन गार्ड को IS 19348:2025 मानक के तहत BIS पंजीकृत होना अनिवार्य होगा। * गुणवत्ता और स्पष्टता जांच: बिना टेस्ट किए गए या घटिया ग्लास जो आसानी से टूट जाते हैं या टच सेंसिटिविटी खराब करते हैं, उन पर पूरी तरह से रोक लगेगी। * सुरक्षा मानक: इसमें ग्लास की मजबूती (Mechanical Strength), ड्रॉप टेस्ट (Impact Resistance), लाइट ट्रांसमिशन (कम से कम 89% ट्रांसपेरेंसी), और टूटने पर खतरनाक टुकड़े न बनने की क्षमता जैसी चीजों की लैब टेस्टिंग जरूरी होगी। * पैकेजिंग पर डिटेल: निर्माता का नाम, मोटाई (Thickness), बैच नंबर और BIS रजिस्ट्रेशन मार्क पैकेजिंग पर छापना अनिवार्य होगा। 2. चार्जिंग और पोर्ट मानक (USB-C Mandate) USB Type-C को भारत में 'कॉमन चार्जर' बनाने की प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है: * स्मार्टफोन और टैबलेट: इनके लिए USB Type-C मानक 2025 और 2026 तक अनिवार्य कर दिया गया है। * लैपटॉप (Laptops): दिसंबर 2026 तक सभी नए लैपटॉप्स के लिए यूनिवर्सल USB-C चार्जिंग पोर्ट अनिवार्य हो जाएगा। 2027 तक यह नियम पूरी तरह से लागू रहेगा। उपभोक्ताओं के लिए इसका क्या मतलब है? * सुरक्षा और गुणवत्ता: बाजार में मिलने वाले बेहद सस्ते और लोकल चाइनीज टेम्पर्ड ग्लास (जो स्क्रीन को कोई सुरक्षा नहीं देते) धीरे-धीरे खत्म हो जाएंगे। * उपकरणों की लंबी उम्र: असली गुणवत्ता वाले टेम्पर्ड ग्लास और प्रमाणित USB केबल्स से फोन की स्क्रीन और बैटरी दोनों की सुरक्षा बेहतर होगी। * कीमतों पर असर: लैब टेस्टिंग और BIS सर्टिफिकेशन के कारण शुरुआती समय में बिना ब्रांड वाले टेम्पर्ड ग्लास की कीमतों में थोड़ा उछाल आ सकता है।

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