भारत में लोन की डिमांड बड़ी ?

भारत में रिटेल और कंज्यूमर लोन की मांग में बड़ा उछाल देखा जा रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और ट्रांसयूनियन CIBIL के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 5 वर्षों (2021 से 2026) में भारत में ऋण (Loan) की मांग में ऐतिहासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह वृद्धि मुख्य रूप से पर्सनल लोन, होम लोन, क्रेडिट कार्ड और डिजिटल लेंडिंग (Fintech Apps) के कारण हुई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और बैंकिंग सेक्टर के आंकड़ों के अनुसार, इस बढ़ोतरी के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं: ### 1. मुख्य लोन कैटेगरीज में तेजी * **पर्सनल लोन (Personal Loans):** डिजिटल लेंडिंग ऐप और तुरंत अप्रूवल (Instant Disbursal) के चलते पर्सनल लोन की मांग सबसे अधिक बढ़ी है। * **गोल्ड लोन (Gold Loans):** सोने की बढ़ती कीमतों और तुरंत तरलता (Liquidity) पाने की सुविधा के कारण गोल्ड लोन सेक्टर में तेजी देखी जा रही है। * **होम लोन (Housing Loans):** रियल एस्टेट सेक्टर में तेजी और घरों की बढ़ती मांग के कारण बड़े बैंकों का होम लोन पोर्टफोलियो तेज़ी से बढ़ा है। * **ऑटो व कंज्यूमर ड्यूरेबल्स लोन:** वाहनों और होम एप्लायंसेज के लिए आसान EMI विकल्पों के कारण मांग बढ़ी है। ### 2. लोन बढ़ने के प्रमुख कारण * **डिजिटल बैंकिग और फिनटेक (Fintech Apps):** स्मार्टफोन के ज़रिए बिना कागज़ी कार्रवाई के कुछ मिनटों में लोन मिलने की सुविधा। * **फिनटेक और NBFCs की पहुंच:** गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) ने छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों तक क्रेडिट की पहुंच आसान बना दी है। *भारत में लोन की मांग तेजी से बढ़ रही है - FY26 का अपडेट* भारत में लोन लेने वालों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है: - *38% की बढ़ोतरी:* FY25 में लोन में 8% की गिरावट आई थी, लेकिन FY26 में कुल 44.6 लाख करोड़ रुपये का नया लोन बंटा है। - *कारण - ब्याज दर में कटौती:* RBI ने ब्याज दरों में 1.25% की कटौती की है, इसलिए अब लोन सस्ता हो गया है (9.87% से घटकर 9% पर)। *सबसे ज्यादा किस चीज के लिए लोन लिया जा रहा है?* 1. *खपत के लिए (51%):* पहले लोग घर खरीदने के लिए लोन लेते थे, अब मोबाइल, टीवी, फ्रिज जैसी चीजों के लिए सबसे ज्यादा लोन लिया जा रहा है। 2. *गोल्ड लोन में 103% की बढ़ोतरी:* सोना गिरवी रखकर लोन लेना सबसे तेजी से बढ़ा है। 3. *पर्सनल लोन:* छोटे शहरों (Tier 2, 3, 4) में पर्सनल लोन की मांग बहुत बढ़ी है। * **उपभोक्ता व्यवहार में बदलाव:** त्योहारों, ट्रैवल, पढ़ाई और लाइफस्टाइल से जुड़े खर्चों के लिए 'बाय नाउ पे लेटर' (BNPL) और EMI विकल्पों का इस्तेमाल बढ़ा है। यदि आप किसी विशिष्ट लोन प्रकार (जैसे होम लोन, पर्सनल लोन) या बैंकिंग सेक्टर से जुड़ी कोई जानकारी जानना चाहते हैं, तो कृपया बताएं।

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