सुरक्षित भोजन और सुरक्षित दवाएं हर नागरिक का अधिकार है by FDA ?

**"सुरक्षित भोजन और सुरक्षित दवाएं हर नागरिक का अधिकार है"** — यह सिद्धांत भारत में जनस्वास्थ्य और उपभोक्ता सुरक्षा की बुनियाद है। भारत में खाद्य (Food) और दवाओं (Drugs) की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दो अलग-अलग स्तरों पर मुख्य प्रशासनिक संरचनाएं काम करती हैं: **1. दवा और खाद्य सुरक्षा नियंत्रण संस्थाएं** * **राज्य FDA (Food and Drug Administration):** भारत में महाराष्ट्र, गुजरात जैसे विभिन्न राज्यों में राज्य-स्तरीय **FDA Authority** कार्य करती है। इसका काम राज्यों के भीतर मिलावटी भोजन, नकली दवाओं की बिक्री को रोकना और नियमित लैब टेस्टिंग व छापेमारी करना है। * **FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India):** भारत सरकार का यह केंद्रीय निकाय (FSS Act 2006 के तहत) खाद्य पदार्थों के सुरक्षा मानकों को तय करता है और खाद्य व्यवसायों को लाइसेंस जारी करता है। * **CDSCO (Central Drugs Standard Control Organization):** भारत का केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन दवाओं, टीकों और मेडिकल उपकरणों की मंजूरी और उनकी सुरक्षा का विनियमन करता है। **2. एक नागरिक के रूप में आपके अधिकार** * **मिलावट के खिलाफ शिकायत:** यदि आपको किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट या खराब गुणवत्ता वाली दवा मिलती है, तो आप राज्य FDA या FSSAI के शिकायत पोर्टल (Food Safety Connect App) पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं। * **लैब टेस्टिंग का अधिकार:** FSS Act के तहत एक नागरिक अपनी शंका दूर करने के लिए खाद्य नमूने को मान्यता प्राप्त लैब में जांच के लिए भेज सकता है। * **मुआवजे का अधिकार:** घटिया खाद्य पदार्थ या नकली/अमानक दवा से नुकसान होने पर उपभोक्ता फोरम या Adjudicating Officer के माध्यम से हर्जाने का दावा किया जा सकता है।

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