जनरेशन-ज़ेड (Gen Z - 1997 से 2012 के बीच जन्मे युवा) ने पारंपरिक राजनीति के तरीकों को पूरी तरह से बदलकर रख दिया है। यह पीढ़ी किसी पुरानी विचारधारा, नेता या राजनीतिक दल से बंधने के बजाय सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म (TikTok, Discord, Instagram) और जमीनी मुद्दों (भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, शिक्षा, जलवायु परिवर्तन) के आधार पर राजनीति का रुख तय कर रही है।
विश्व के कई प्रमुख देशों में जनरेशन-ज़ेड के कारण राजनीति का स्वरूप इस प्रकार बदला है:
**1. बांग्लादेश (बांग्लादेश क्रांति)**
* **बदलाव:** बांग्लादेश में जनरेशन-ज़ेड के छात्रों ने बिना किसी पारंपरिक राजनीतिक दल के नेतृत्व के एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया।
* **परिणाम:** कोटा प्रणाली और सरकारी भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू हुए इस डिजिटल-संचालित विरोध प्रदर्शन ने 15 साल पुराने शासन को उखाड़ फेंका और सत्ता परिवर्तन की नींव रखी। इसे दुनिया का पहला सफल 'Gen Z-नेतृत्व वाला आंदोलन' कहा गया।
**2. नेपाल**
* **बदलाव:** राजनीतिक भ्रष्टाचार, सरकारी छूट और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ नेपाल के युवाओं ने सड़क से लेकर इंटरनेट तक विरोध जताया।
* **परिणाम:** युवाओं के इस दबाव ने स्थापित नेताओं को इस्तीफा देने पर मजबूर किया और चुनाव में युवाओं द्वारा समर्थित नई लहर के कारण स्वतंत्र और युवा उम्मीदवार (जैसे बालेंद्र शाह) सत्ता के शीर्ष तक पहुंचे।
**3. केन्या**
* **बदलाव:** केन्याई युवाओं ने सोशल मीडिया और AI टूल का इस्तेमाल करके वित्त विधेयक (Tax Bill) के खिलाफ जनआंदोलन आयोजित किया।
* **परिणाम:** बिना किसी औपचारिक नेता के, 'Leaderless' (बिना नेता के) रणनीति अपनाकर इन युवाओं ने राष्ट्रपति को विवादित टैक्स कानून वापस लेने पर मजबूर किया।
**4. थाईलैंड**
* **बदलाव:** सैन्य शासन और पुराने राजशाही-समर्थित नियमों के खिलाफ Gen Z युवाओं ने 'मूव फॉरवर्ड पार्टी' (Move Forward Party) जैसी नई राजनीतिक सोच का भारी समर्थन किया।
* **परिणाम:** परंपरागत राजनेताओं को दरकिनार करते हुए युवाओं ने चुनाव में इस पार्टी को सबसे बड़ी पार्टी बनाया, जिससे देश की पारंपरिक राजनीति की नींव हिल गई।
**5. भारत**
* **बदलाव:** भारत में Gen Z का रुख डिजिटल सक्रियता, मीम्स और सीधी जन-कार्रवाई पर आधारित है। युवाओं ने किसी खास पार्टी से जुड़ने के बजाय परीक्षा लीक, शिक्षा सुधार (जैसे NEET/CJP मुद्दे) और रोजगार जैसे वास्तविक मुद्दों को सीधे सरकार से पूछा है।
* **परिणाम:** राजनीतिक दलों को अब अपने पुराने जातिगत या धार्मिक समीकरणों के साथ-साथ परीक्षा पारदर्शिता और युवा रोजगार के मुद्दों को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी पड़ रही है।
**6. अमेरिका और यूरोपीय देश**
* **बदलाव:** अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप में Gen Z पारंपरिक वामपंथ या दक्षिणपंथ के दायरे से बाहर सोच रही है। इनमें जलवायु परिवर्तन, बंदूक नियंत्रण, और आर्थिक विषमता मुख्य मुद्दे हैं। इसके साथ ही, यहाँ Gen Z में लैंगिक आधार पर राजनीतिक सोच का बड़ा विभाजन (Political Gender Gap) देखने को मिला है—जहाँ युवतियां अधिक प्रगतिशील और युवा पुरुष अधिक संरक्षणवादी/दक्षिणपंथी सोच की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
**Gen Z की राजनीति के मुख्य लक्षण:**
* **बिना किसी नेता के आंदोलन (Leaderless Protests):** ये किसी एक चेहरे के पीछे चलने के बजाय विकेंद्रीकृत (Decentralized) नेटवर्क पर काम करते हैं।
* **डिजिटल हथियार:** टिकटॉक, मीम्स, और ऑनलाइन कम्युनिटीज के जरिए रातों-रात लाखों लोगों को गोलबंद करना।
* **मुद्दा-आधारित राजनीति:** पार्टी के प्रति वफादारी की जगह तुरंत परिणाम और जवाबदेही की मांग।
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