- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
भारत में पहाड़ी मैदानी क्षेत्रों के व्यावसायिक खेती के लिए छोटे ट्रैक्टरों की बढ़ रही है डिमांड किसानों
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
व्यावसायिक खेती और बागवानी (Horticulture) की ओर किसानों के बढ़ते रुझान ने छोटे ट्रैक्टरों (Mini Tractors) की मांग को काफी तेजी से बढ़ाया है। यह खेती में लागत कम करने और उत्पादकता बढ़ाने का एक प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है।
**छोटा ट्रैक्टर: बढ़ती मांग के प्रमुख कारण**
* **भौगोलिक अनुकूलता:** संकरे रास्तों और ढलान वाले पहाड़ी इलाकों तथा बागों (जैसे सेब, आम, अंगूर) के पेड़ों के बीच बड़े ट्रैक्टर नहीं चल पाते। छोटा ट्रैक्टर अपनी कम चौड़ाई और कम टर्निंग रेडियस (कम जगह में मुड़ने की क्षमता) के कारण इन क्षेत्रों में आसानी से काम करता है।
* **कम लागत और अधिक लाभ:** व्यावसायिक खेती जैसे सब्जी, गन्ना, कपास और बागवानी में दवा छिड़काव, जुताई और गुड़ाई के लिए ये ट्रैक्टर ईंधन (डीजल/पेट्रोल) की बहुत बचत करते हैं।
* **उपकरण अनुकूलता:** ये छोटे रोटावेटर, कल्टीवेटर, स्प्रेयर और ट्रॉली चलाने के लिए पूरी तरह सक्षम होते हैं।
**प्रमुख मॉडल, कीमत और सब्सिडी की जानकारी**
सरकार कृषि यांत्रिकीकरण मिशन (SMAM) और राज्य स्तरीय योजनाओं के तहत छोटे ट्रैक्टरों पर **25% से 50% तक की सब्सिडी** प्रदान करती है।
| मॉडल | शक्ति (HP) | अनुमानित कीमत (रु.) | मुख्य विशेषता/उपयोग |
|---|---|---|---|
| **Swaraj Code** | 11.1 HP | ₹2.30 लाख – ₹2.45 लाख | सब्जियों और बागवानी के लिए सबसे किफ़ायती। |
| **Mahindra Yuvraj 215 NXT** | 15 HP | ₹3.30 लाख – ₹3.50 लाख | छोटे खेतों और इंटर-कल्चर (गुड़ाई) के लिए। |
| **Sonalika GT 20 / Cheetah** | 18 - 20 HP | ₹2.95 लाख – ₹3.60 लाख | बागवानी, रोटावेटर और स्प्रेइंग कार्य। |
| **Mahindra JIVO 245 DI (4WD)** | 24 HP | ₹5.20 लाख – ₹5.50 लाख | पहाड़ी और पथरीले क्षेत्रों (4WD ग्रिप) के लिए उपयुक्त। |
| **Kubota NeoStar A211N** | 21 HP | ₹4.20 लाख – ₹4.50 लाख | संकरी जगह (अंगूर और सेब के बाग) के लिए जापानी तकनीक। |
*(नोट: ऑन-रोड कीमतें राज्य, टैक्स और एक्सेसरीज के आधार पर थोड़ी अलग हो सकती हैं।)*
**सब्सिडी कैसे प्राप्त करें?**
कृषि मंत्रालय के आधिकारिक पोर्टल **agrimachinery.nic.in** या अपने राज्य के कृषि विभाग पोर्टल पर आवेदन करके डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सब्सिडी का लाभ उठाया जा सकता है।
क्या आप किसी विशिष्ट फसल (जैसे अंगूर, सेब या सब्जियां) या किसी खास राज्य की सब्सिडी योजना के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं?
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
टिप्पणियाँ