बाहरी आर्यन और आदिवासी कबीलाई जनजातियों से पहले भारत में कौन सी आदिवासी जनजाति रहती थी ?

आर्यों और द्रविड़ या अन्य कबीलाई खस आदिवासी जनजातियों के आगमन व विस्तार से पहले भारत में **प्राचीन दक्षिण एशियाई मूल निवासी (Ancient Ancestral South Indians - AASI)** रहते थे। आनुवंशिक (Genetic) और पुरात्वीय अध्ययनों के अनुसार, ये लगभग 50,000 से 65,000 वर्ष पहले 'आउट ऑफ अफ्रीका' प्रवासन के दौरान भारतीय उपमहाद्वीप में पहुंचे सबसे पहले मानव थे। **मुख्य प्राचीन मूल निवासी समूह:** * **एएएसआई (AASI - Ancient Ancestral South Indians):** यह भारत का सबसे पुराना मानव आनुवंशिक आधार है। मध्य प्रदेश की भीमबेटका की गुफाओं में बने शैलचित्र और पाषाण कालीन उपकरण इसी शुरुआती सभ्यता के प्रमाण माने जाते हैं। * **प्रोटो-ऑस्ट्रेलॉयड (Proto-Australoids):** नृविज्ञान (Anthropology) के अनुसार, द्रविड़ों से पहले भारत के जंगलों और पहाड़ियों में रहने वाले समूहों को प्रोटो-ऑस्ट्रेलॉयड कहा जाता है। वर्तमान समय की **मुंडा, संताल, हो, गोंड, भील और चेंचु** जैसी जनजातियों के पूर्वज मुख्य रूप से इसी समूह से जुड़े माने जाते हैं। * **निग्रिटो (Negrito) और नेग्रिटॉइड समूह:** भारत के द्वीपीय और दूरस्थ इलाकों में रहने वाले सबसे प्राचीन निवासी, जैसे अंडमान के **ओंगे, जरावा और सेंटिनलीज** जनजाति। भाषा और आनुवंशिकी के इतिहास के अनुसार, भारत में सबसे पहले एएएसआई (शिकारी-संग्राहक) आए, उनके बाद ऑस्ट्रो-एशियाटिक (मुंडा भाषा परिवार) और द्रविड़ भाषा बोलने वाले समूहों का विकास/प्रवासन हुआ, और अंत में इंडो-आर्यन समूह का आगमन हुआ।

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