खश' (हिमालयी जनजातीय समूह) शब्द की उत्पत्ति किस समय हुई ?

**'खश' (या खस)** शब्द की उत्पत्ति, उसके अर्थ और ऐतिहासिक कालखंड को तीन मुख्य दृष्टिकोणों—भाषाई, साहित्यिक और ऐतिहासिक समय-सीमा के माध्यम से समझा जा सकता है: ### 1. शब्द की उत्पत्ति और अर्थ (कैसे हुई?) * **व्युत्पत्ति (Etymology):** भाषाई दृष्टि से 'खश' शब्द संस्कृत धातु **'खश्'** या प्राचीन भारोपीय (Indo-Aryan) शब्दों से उपजा माना जाता है। * **भौगोलिक एवं जातीय अर्थ:** मध्य एशिया और काकेशस (Caucasus) क्षेत्र के पर्वतीय मार्गों से गुजरने के कारण इस समुदाय को पर्वतीय या सीमावर्ती लोग कहा गया। कुछ इतिहासकारों का मानना है कि 'काकेशस' (Caucasus), 'काश्गर' (Kashgar) और 'कश्मीर' जैसे नाम इसी 'खश' या 'कस' मूल शब्द से विकसित हुए हैं। * **संस्कृति/वैदिक साहित्य का दृष्टिकोण:** प्राचीन वैदिक-संस्कृत साहित्य में इन्हें मुख्य धारा के वैदिक नियमों का पालन न करने के कारण **'व्रात्य क्षत्रिय'** (संस्कार-विहीन आर्य) या पर्वत-निवासी योद्धा कहा गया। ### 2. काल-क्रम और समय-सीमा (कब की बात है?) 'खश' शब्द और इस जनजातीय समूह का इतिहास अलग-अलग कालखंडों में दर्ज है: * **प्राचीन प्रवास काल (लगभग 2000 ई.पू. – 1000 ई.पू.):** इतिहासकारों (जैसे राहुल सांकृत्यायन और ई.टी. एटकिंसन) के अनुसार, आर्यों की एक शाखा मध्य एशिया/ईरान से होकर उत्तर-पश्चिमी हिमालय के रास्तों (हिंदुकुश) से भारत में प्रवेश कर गई। यह इस समुदाय के आगमन का सबसे प्राचीन अनुमानित समय है। * **प्राचीन भारतीय साहित्य में उल्लेख (लगभग 1000 ई.पू. – 400 ईस्वी):** * **उत्तर-वैदिक काल (1000 ई.पू. - 600 ई.पू.):** इस दौर के महाजनपद और पर्वतीय राज्यों के संदर्भ में 'खश जनपद' का उल्लेख मिलने लगता है। * **महाभारत और रामायण काल (400 ई.पू. – 400 ईस्वी):** महाभारत (विशेषकर सभा पर्व और कर्ण पर्व) में 'खश' लोगों का स्पष्ट उल्लेख मिलता है, जहाँ उन्हें हिमालय की मेरु/मंदार पहाड़ियों और सिंधु नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाला बताया गया है। * **यूनानी एवं विदेशी यात्रियों का विवरण (1ली से 2री शताब्दी ईस्वी):** रोमन इतिहासकार प्लिनी (Pliny, 79 CE) और टॉलेमी (Ptolemy, 151 CE) ने हिमालयी क्षेत्र की जिन जनजातियों (Cesi/Khasha) का उल्लेख किया, वह यही खश समूह था। * **मध्यकालीन खश साम्राज्य और अभिलेख (8वीं से 14वीं शताब्दी ईस्वी):** * **कत्युरी एवं खश मल्ल साम्राज्य:** 8वीं से 13वीं शताब्दी के बीच उत्तराखंड के कत्युरी राजवंश और 11वीं से 14वीं शताब्दी के दौरान पश्चिमी नेपाल का 'खश मल्ल साम्राज्य' (Khasa Kingdom) चरम पर था। * **अभिलेखीय प्रमाण:** 954 ईस्वी के खजुराहो शिलालेख और 1357 ईस्वी के दुल्लु स्तम्भ शिलालेख (नेपाल) में 'खश' राजाओं और उनकी भाषा (खस कुरा, जिससे आधुनिक नेपाली भाषा बनी) का स्पष्ट ऐतिहासिक प्रमाण मिलता है। ### निष्कर्ष 'खश' शब्द की उत्पत्ति **लगभग 1000 ई.पू. से 500 ई.पू.** के बीच भारतीय उपमहाद्वीप में पर्वतीय आर्यों की पहचान के रूप में हुई। साहित्यिक रूप से यह शब्द **2500 वर्ष पुराना** (महाभारत काल) है और ऐतिहासिक/अभिलेखीय रूप से इसका प्रभाव **8वीं से 14वीं शताब्दी ईस्वी** तक हिमालयी राजनीति पर पूरी तरह स्थापित रहा।

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