खस क्या आर्यन के बाद भारत में केसे आये और इनका सकती साली इतिहास ?

खस समुदाय के आगमन, उनके इतिहास, शक्तिशाली साम्राज्य और उनके प्रसिद्ध राजाओं की पूरी ऐतिहासिक जानकारी: ### 1. खस भारत में कब और कैसे आये? इतिहासकारों और भाषाविदों के अनुसार, खस भी **इंडो-आर्यन (Indo-Aryan)** मूल के ही लोग थे: * **आगमन का समय:** वैदिक आर्यों का मुख्य समूह भारत के उत्तर-पश्चिमी मैदानी भागों (पंजाब, हरियाणा, गंगा के मैदान) में बसा। खस आर्यों की ही एक **बाद की या शुरुआती शाखा** थे, जो मैदानी इलाकों की ओर जाने के बजाय मध्य एशिया/पामीर के रास्ते हिमालय की श्रृंखलाओं के साथ-साथ आगे बढ़े। * **प्रवेश का मार्ग:** वे कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड के पहाड़ी मार्गों से होते हुए नेपाल के पश्चिमी पहाड़ों तक पहुँचे। * **वैदिक आर्यों से अंतर:** ये मुख्यधारा के वैदिक आर्यों से अलग रहे, इसलिए इन्होंने यज्ञ, ब्राह्मणवादी कर्मकांड और जाति-व्यवस्था को लंबे समय तक नहीं अपनाया। यही कारण है कि महाभारत और मनुस्मृति जैसे ग्रंथों में इन्हें हिमालय का योद्धा कबीला तो माना गया, लेकिन वैदिक रीति न मानने के कारण "व्रात्य" या "म्लेच्छ" की श्रेणी में रखा गया। ### 2. खसों का शक्तिशाली राज्य और इतिहास खस समुदाय का सबसे शक्तिशाली और स्वर्णिम इतिहास **11वीं से 14वीं शताब्दी** के बीच देखने को मिलता है: #### **राज्य (साम्राज्य) का नाम: खस-मल्ल साम्राज्य (Khasa-Malla Kingdom)** * **राजधानी:** इस साम्राज्य की मुख्य राजधानी **सिंजा घाटी (Sinja Valley)** थी, जो वर्तमान पश्चिमी नेपाल के जुम्ला (Jumla) जिले में है। * **साम्राज्य का विस्तार:** अपने चरम पर यह साम्राज्य विशाल था। इसमें शामिल थे: 1. **उत्तराखंड (भारत):** कुमाऊँ और गढ़वाल के क्षेत्र। 2. **नेपाल:** पश्चिमी और मध्य नेपाल का विशाल पहाड़ी भाग। 3. **तिब्बत:** दक्षिणी-पश्चिमी तिब्बत का गुगे (Guge) और पुरांग (Purang) क्षेत्र। *(नोट: यह 'खस मल्ल' साम्राज्य काठमांडू घाटी के बाद वाले 'मल्ल राजवंश' से अलग था।)* ### 3. खस साम्राज्य के प्रमुख और शक्तिशाली राजा खस साम्राज्य में कई प्रतापी राजा हुए: 1. **नागराज (Nagaraja - 12वीं शताब्दी):** इन्हें 'खस-मल्ल' साम्राज्य का संस्थापक माना जाता है। इन्होंने सिंजा घाटी को राजधानी बनाकर एक छोटे कबीले को विशाल साम्राज्य में बदला। 2. **कराचल्ल देव (Krachalla):** 13वीं सदी के महान विजेता जिन्होंने कुमाऊँ और गढ़वाल के राजाओं को हराकर अपने अधीन किया। 3. **अशोक चल्ल (Ashok Challa):** इन्होंने अपना प्रभाव भारत के मैदानी भागों तक फैलाया। इनके अभिलेख गया (बिहार) के बोधगया तक मिलते हैं। 4. **रिपु मल्ल (Ripu Malla):** एक शक्तिशाली बौद्ध-हिन्दू शासक, जिनका शिलालेख लुम्बिनी में अशोक स्तंभ पर भी मिलता है। 5. **पृथ्वी मल्ल (Prithvi Malla - 14वीं शताब्दी):** खस साम्राज्य के सबसे शक्तिशाली और प्रसिद्ध सम्राट। इनके समय खस साम्राज्य अपने चरमोत्कर्ष (उत्कर्ष की सीमा) पर था। ### 4. खस साम्राज्य की ऐतिहासिक उपलब्धियाँ * **नेपाली भाषा का जन्मस्थान:** खस साम्राज्य की राजधानी **सिंजा घाटी** को ही आधुनिक **नेपाली (खस-कुरा)** भाषा का जन्मस्थान माना जाता है। * **मस्टो देव परंपरा (Masto Culture):** खस लोग प्रकृति और अपने कुलदेवता 'मस्टो' (12 मस्टो) की पूजा करते थे। बाद में इस साम्राज्य ने धीरे-धीरे बौद्ध और हिन्दू परंपराओं को अपनाया। * **साम्राज्य का विघटन:** 14वीं शताब्दी के अंत में पृथ्वी मल्ल के बाद साम्राज्य बिखर गया और छोटे-छोटे 22 राज्यों (जिन्हें नेपाल इतिहास में *बाइसी राज्य* कहा जाता है) में बंट गया। ### संक्षेप में खस आर्यों की ही एक शाखा थे जो मध्य एशिया से हिमालयी रास्तों से होते हुए भारत और नेपाल के पहाड़ों में बसे। इन्होंने 11वीं से 14वीं सदी तक **सिंजा (नेपाल)** को केंद्र बनाकर **कुमाऊँ, गढ़वाल और पश्चिमी तिब्बत** पर एक विशाल और शक्तिशाली **'खस-मल्ल साम्राज्य'** स्थापित किया था।

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