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दूरसंचार विभाग (DoT) और गृह मंत्रालय द्वारा साइबर ठगी रोकने के लिए अत्याधुनिक एआई (AI) तकनीक, स्पैम फिल्टर और नए कानूनों के जरिए रोजाना करोड़ों फर्जी कॉल और एसएमएस को नेटवर्क पर ही ब्लॉक किया जा रहा है।
सरकार साइबर अपराध रोकने के लिए इन मुख्य तरीकों पर काम कर रही है:
### 1. AI आधारित स्पैम और फ्रॉड ट्रैकिंग (Sanchar Saathi Portal)
सरकार ने **'संचार साथी'** (Sanchar Saathi) पोर्टल और **'चक्षु' (Chakshu)** पहल शुरू की है:
* **संदेहास्पद पैटर्न पहचानना:** आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक ऐसे मोबाइल नंबरों और गेटवे को तुरंत ट्रैक कर लेती है जो एक ही समय में हजारों लोगों को ऑटोमेटेड या फर्जी रोबो-कॉल कर रहे होते हैं।
* **अंतरराष्ट्रीय फर्जी कॉल पर रोक (Spoofing Control):** ठग विदेश से बैठकर सिस्टम का गलत इस्तेमाल करके भारतीय नंबरों (+91) से कॉल दिखाते थे। टेलिकॉम ऑपरेटरों के नए सुरक्षा सिस्टम अब ऐसी इंटरनेशनल फर्जी कॉल को भारत के नेटवर्क में आने से पहले ही ड्रॉप कर देते हैं।
### 2. फर्जी सिम कार्ड और IMEI की तुरंत पहचान
* **फर्जी सिम का खात्मा:** एक ही आईडी या फर्जी बायोमेट्रिक डेटा पर लिए गए लाखों सिम कार्डों की पहचान करके उन्हें तुरंत ब्लॉक/निष्क्रिय (Deactivate) कर दिया गया है।
* **IMEI और हैंडसेट ब्लॉकिंग:** यदि किसी फोन का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड में होता है, तो उसका IMEI नंबर ब्लॉक कर दिया जाता है, जिससे वह मोबाइल हैंडसेट दोबारा किसी भी नए सिम के साथ काम नहीं कर पाता।
### 3. बैंकों और टेलीकॉम कंपनियों का रीयल-टाइम तालमेल
* **वित्तीय धोखाधड़ी की त्वरित रोकथाम:** केंद्रीय गृह मंत्रालय की **I4C (Indian Cyber Crime Coordination Centre)** शाखा बैंकों और टेलीकॉम ऑपरेटरों के साथ सीधे जुड़ी है।
* **हेल्पलाइन नंबर 1930:** यदि किसी व्यक्ति के साथ कोई वित्तीय ठगी हो जाती है, तो **1930** पर कॉल करने या ऑनलाइन रिपोर्ट करने पर पीड़ित के पैसे को ठग के बैंक खाते में ही **फ्रीज (Freeze)** कर दिया जाता है।
### 4. व्हाट्सऐप और डिजिटल अरेस्ट स्कैम पर कार्रवाई
* **फर्जी व्हाट्सऐप अकाउंट रीसेट:** साइबर अपराधियों के लाखों फर्जी व्हाट्सऐप और सोशल मीडिया अकाउंट्स को साइबर इंटेलिजेंस के जरिए ब्लॉक किया गया है।
* **डिजिटल अरेस्ट और साइबर स्लेवरी की रोकथाम:** पुलिस, सीबीआई, या कस्टम्स के नाम पर डर दिखाकर पैसे ऐंठने वाले गिरोहों के कॉल रूट और आईपी एड्रेस को ट्रैक करके लगातार कार्रवाई की जा रही है।
### आम जनता को क्या करना चाहिए?
1. **चक्षु (Chakshu) पर रिपोर्ट करें:** यदि आपको कोई फर्जी KYC, बैंक, लॉटरी या संदिग्ध कॉल/एसएमएस आए, तो संचार साथी की साइट (**sancharsaathi.gov.in**) पर 'चक्षु' विकल्प में जाकर रिपोर्ट करें।
2. **पैसा ठगे जाने पर:** देर किए बिना **1930** डायल करें या **cybercrime.gov.in** पर शिकायत दर्ज कराएं।
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