पशुओं के प्रति क्रूरता और उन्हें नुकसान पहुंचाने को लेकर भारतीय कानून में सख्त प्रावधान हैं। ऊपर जिन कानूनों का जिक्र किया, वे बेजुबान जानवरों को सुरक्षा देने और दोषियों को सजा दिलाने के लिए बनाए गए हैं।
चूंकि भारत में **भारतीय न्याय संहिता (BNS)** लागू हो चुकी है, इसलिए पुरानी **IPC (भारतीय दंड संहिता)** की धाराएं अब बदल गई हैं। आइए इन दोनों कानूनों को विस्तार से समझते हैं:
### 1. IPC की धारा 428 और 429 (अब BNS की धारा 325)
पुरानी IPC की धारा 428 और 429 मुख्य रूप से किसी के पालतू या लावारिस जानवर को मारने, जहर देने, अपाहिज करने या उसे बेकार बनाने के अपराध से निपटती थीं।
* **IPC 428:** किसी ₹10 या उससे अधिक मूल्य के जानवर को मारना या नुकसान पहुंचाना (2 साल तक की जेल या जुर्माना)।
* **IPC 429:** किसी भी मवेशी (जैसे गाय, भैंस) या ₹50 से अधिक मूल्य के किसी भी जानवर (जिसमें कुत्ते भी शामिल हैं) को जहर देना, मारना या अपाहिज करना। इसमें **5 साल तक की जेल** और जुर्माने का प्रावधान था।
> **नया बदलाव:** अब नए कानून (BNS) के तहत इन दोनों धाराओं को मिलाकर **धारा 325 (Section 325 of BNS)** बना दिया गया है। इसके तहत किसी भी जानवर को दुर्भावनापूर्ण तरीके से मारने या अपाहिज करने पर **5 साल तक की कैद, जुर्माना या दोनों** की सजा हो सकती है। यह एक गैर-जमानती (Non-Bailable) अपराध की श्रेणी में आता है।
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### 2. पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 (Prevention of Cruelty to Animals Act, 1960)
यह भारत का सबसे मुख्य कानून है जो जानवरों के अधिकारों की रक्षा करता है। इसकी **धारा 11** के तहत निम्नलिखित बातों को अपराध माना गया है:
* जानवरों को बेरहमी से पीटना, लात मारना, उन पर अत्याचार करना या उन्हें प्रताड़ित करना।
* किसी जानवर को पर्याप्त भोजन, पानी या रहने के लिए सही जगह न देना।
* किसी बीमार या घायल जानवर को बिना इलाज के तड़पने के लिए छोड़ देना।
* किसी जानवर को जानबूझकर जहर देना या उसके खाने में हानिकारक चीजें मिलाना।
**सजा का प्रावधान:**
इस अधिनियम के तहत पहली बार अपराध करने पर जुर्माना बेहद कम (₹10 से ₹50) है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में अदालतों और सरकार द्वारा इसमें संशोधन करके सजा और जुर्माने को बहुत सख्त करने के निर्देश दिए गए हैं। दूसरी बार या बार-बार ऐसा अपराध करने पर **3 महीने तक की जेल और भारी जुर्माना** हो सकता है।
### ऐसी स्थिति में आप क्या कदम उठा सकते हैं?
अगर आपको लगता है कि आपके मोहल्ले में कुत्तों को जानबूझकर जहर दिया गया है या मारा गया है, तो आप यह कर सकते हैं:
1. **पुलिस शिकायत (FIR):** आप नजदीकी पुलिस स्टेशन जाकर **BNS की धारा 325** और **पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11** के तहत अज्ञात या संदिग्ध व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज करवा सकते हैं।
2. **पशु कल्याण संस्था (NGO) की मदद:** PETA India, People for Animals (PFA) या अपने शहर की स्थानीय एनिमल रेस्क्यू संस्थाओं से संपर्क करें। इनके पास कानूनी टीमें होती हैं जो पुलिस कार्यवाही में आपकी मदद कर सकती हैं।
3. **सबूत जुटाएं:** अगर आपके पास कोई सीसीटीवी फुटेज है, या किसी ने उन्हें जहर देते/मारते देखा है, तो उनका बयान और सबूत सुरक्षित रखें।
क्या आप इस मामले में पुलिस या किसी स्थानीय संस्था (NGO) से संपर्क करने का विचार कर रहे हैं?
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