स्क्रैप में अगर गाड़ी देते हैं या इलेक्ट्रिक वाहन देते हैं या ई रिक्शा देते हैं कबाड़ी को आरटीओ में कबाड़ी क्या बिल देगा और क्या जीएसटी भी कटता है ?

जब आप अपनी पुरानी गाड़ी (पेट्रोल/डीजल), इलेक्ट्रिक वाहन (EV), या ई-रिक्शा को कबाड़ (Scrap) में बेचते हैं, तो आरटीओ (RTO) और जीएसटी (GST) से जुड़े नियम काफी बदल चुके हैं। सरकार ने अब **स्क्रैपेज पॉलिसी (Scrappage Policy)** को बहुत सख्त और व्यवस्थित कर दिया है। अगर आप किसी **अधिकृत (Authorized) स्क्रैप डीलर** के पास जाते हैं, तो प्रक्रिया पूरी तरह कानूनी होती है। लेकिन अगर आप किसी **आमतौर पर गली-मोहल्ले वाले लोकल कबाड़ी** को देते हैं, तो नियम अलग होते हैं। यहाँ पूरी जानकारी दी गई है कि आपको क्या-क्या मिलता है और टैक्स का क्या नियम है: ## 1. अधिकृत स्क्रैप सेंटर (RVSF) पर मिलने वाले दस्तावेज और बिल अगर आप सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त **Registered Vehicle Scrapping Facility (RVSF)** पर गाड़ी देते हैं (जो कि सबसे सुरक्षित और सही तरीका है), तो आपको निम्नलिखित चीजें मिलती हैं: * **जमा प्रमाणपत्र (Certificate of Deposit):** यह सबसे जरूरी दस्तावेज है। कबाड़ी आपको यह सर्टिफिकेट देगा, जिसे दिखाकर आप जब नई गाड़ी खरीदेंगे तो आपको **रजिस्ट्रेशन फीस में छूट और रोड टैक्स में 15% से 25% तक की छूट** मिलेगी। * **स्क्रैप का बिल (Invoice):** इसमें आपकी गाड़ी के कबाड़ (लोहा, प्लास्टिक, बैटरी आदि) की कुल कीमत लिखी होती है। * **नष्ट करने का प्रमाणपत्र (Certificate of Destruction):** यह इस बात का सबूत है कि आपकी गाड़ी को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है और अब इसका कोई गलत इस्तेमाल नहीं कर सकता। इसी सर्टिफिकेट के आधार पर आरटीओ (RTO) में गाड़ी का रजिस्ट्रेशन हमेशा के लिए रद्द (Deregister) किया जाता है। ### लोकल कबाड़ी क्या देगा? अगर आप किसी आम कबाड़ी को गाड़ी देते हैं, तो वह आपको कोई पक्का सरकारी बिल या Certificate of Deposit **नहीं दे पाएगा**। वह सिर्फ एक साधारण रसीद या नकद पैसे देगा, जो आरटीओ में मान्य नहीं होती। ## 2. क्या जीएसटी (GST) कटता है? हाँ, स्क्रैप बेचने और खरीदने पर जीएसटी के नियम लागू होते हैं, लेकिन इसका बोझ आपके (गाड़ी के मालिक) ऊपर कैसे पड़ेगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप बिजनेस के नाम पर गाड़ी बेच रहे हैं या व्यक्तिगत (Personal): * **अगर आप आम नागरिक हैं (Personal Vehicle/E-Rickshaw):** अगर गाड़ी आपके व्यक्तिगत नाम पर है और आपके पास जीएसटी नंबर नहीं है, तो आपको कबाड़ी को कोई जीएसटी बिल बनाकर देने की जरूरत नहीं है। हालांकि, जब अधिकृत कबाड़ी आपको भुगतान करेगा, तो वह **Reverse Charge Mechanism (RCM)** के तहत सरकार को जीएसटी (आमतौर पर स्क्रैप पर 18%) चुकाएगा। आपके हाथ में जो स्क्रैप वैल्यू आएगी, वह टैक्स काटकर या एडजस्ट करके ही दी जाती है। * **अगर आपकी गाड़ी कमर्शियल है (Business/Company Name):** अगर ई-रिक्शा या गाड़ी किसी फर्म या जीएसटी रजिस्टर्ड बिजनेस के नाम पर है, तो आपको कबाड़ की वैल्यू पर **18% GST** का इनवॉइस (बिल) काटना होगा। * **इलेक्ट्रिक वाहन और ई-रिक्शा की बैटरी:** ईवी और ई-रिक्शा में सबसे कीमती चीज उसकी **लिथियम-आयन या लेड-एसिड बैटरी** होती है। स्क्रैप सेंटर बैटरी की कीमत अलग से तय करते हैं। अगर बैटरी को अलग से स्क्रैप में प्रोसेस किया जाता है, तो उस पर भी स्क्रैप के नियमों के अनुसार ही टैक्स और वैल्यूएशन तय होता है। ## 3. आरटीओ (RTO) में क्या-क्या होता है? गाड़ी कबाड़ में देने के बाद उसका आरटीओ से रजिस्ट्रेशन रद्द कराना कानूनी रूप से अनिवार्य है, ताकि भविष्य में उस गाड़ी के नंबर या चेसिस का कोई गलत इस्तेमाल न हो सके। 1. **दस्तावेज जमा करना:** आपको गाड़ी की आरसी (RC), चेसिस नंबर का कटआउट (जो स्क्रैप सेंटर काटकर देता है), कबाड़ी से मिला Certificate of Destruction और आरटीओ का **Form 48** जमा करना होता है। 2. **रजिस्ट्रेशन रद्द (Deregistration):** आरटीओ आपके सभी दस्तावेजों की जांच करेगा और गाड़ी के रिकॉर्ड को अपने डेटाबेस से हमेशा के लिए ब्लॉक कर देगा। 3. **टैक्स रिफंड (यदि लागू हो):** अगर आपकी गाड़ी का रोड टैक्स अभी बचा हुआ था (समय सीमा से पहले स्क्रैप कर रहे हैं), तो आप आरटीओ से बचे हुए समय का रोड टैक्स वापस (Refund) करने की मांग भी कर सकते हैं। ### 💡 आपके लिए जरूरी सलाह: लोकल कबाड़ी को गाड़ी बेचने के बजाय हमेशा **정부 (सरकार) द्वारा मान्यता प्राप्त स्क्रैप सेंटर** पर ही गाड़ी या ई-रिक्शा दें। भले ही लोकल कबाड़ी ₹1000-₹2000 ज्यादा दे दे, लेकिन भविष्य की कानूनी मुसीबतों (जैसे गाड़ी का किसी क्राइम या एक्सीडेंट में इस्तेमाल होना) से बचने और नई गाड़ी पर भारी छूट पाने के लिए अधिकृत सेंटर ही सबसे बेस्ट है।

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