पाण्डव वनवास मिलने से पहले कितने साल राज करा था ?

महाभारत के अनुसार, वनवास में जाने से पहले पांडवों ने इंद्रप्रस्थ पर **लगभग 23 वर्ष** तक शासन किया था। इस कालखंड का घटनाक्रम इस प्रकार है: 1. **खांडवप्रस्थ से इंद्रप्रस्थ का निर्माण:** धृतराष्ट्र द्वारा आधा राज्य (खांडवप्रस्थ) दिए जाने के बाद पांडवों ने उसे एक भव्य और समृद्ध नगर "इंद्रप्रस्थ" में बदला। 2. **अर्जुन की यात्रा और मयसभा:** इसी दौरान अर्जुन 12 वर्षों की तीर्थयात्रा पर रहे। वापस लौटने के बाद दानव मय दानव द्वारा अद्भुत 'मयसभा' (महल) का निर्माण किया गया। 3. **राजसूय यज्ञ और द्यूत क्रीड़ा:** इंद्रप्रस्थ की समृद्धि और राजसूय यज्ञ के बाद दुर्योधन ने ईर्ष्यावश पांडवों को चौसर (द्यूत क्रीड़ा) के खेल के लिए आमंत्रित किया, जिसके परिणामस्वरूप पांडव अपना राज्य हार गए और उन्हें **12 वर्ष का वनवास और 1 वर्ष का अज्ञातवास (कुल 13 वर्ष)** का दंश झेलना पड़ा। **ध्यान देने योग्य बात (युद्ध के बाद का शासन):** * **वनवास से पहले:** इंद्रप्रस्थ में **~23 वर्ष**। * **महाभारत युद्ध जीतने के बाद:** हस्तिनापुर के सिंहासन पर बैठकर पांडवों ने **36 वर्ष** शासन किया था।

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