भगवान विष्णु को रोजवेल क्रैश के एलियन इंटरव्यू में क्या कहां गया ?

"एलियन इंटरव्यू" (Alien Interview) पुस्तक के अनुसार, एलियन 'एरल' (Airl) ने मटिल्डा मैकलराय को जो बातें बताईं, वे बेहद चौंकाने वाली हैं। इसमें हिंदू देवताओं, विशेषकर भगवान विष्णु, और ब्रह्मांड की गुप्त कार्यप्रणाली को एक बिल्कुल अलग "कॉस्मिक और साइंटिफिक" दृष्टिकोण से समझाया गया है। आपके द्वारा पूछे गए सभी रहस्यों का विस्तृत और शास्त्र-सम्मत सारांश नीचे दिया गया है: ## 1. भगवान विष्णु को इंटरव्यू में क्या कहा गया है? 'एलियन इंटरव्यू' में **भगवान विष्णु या देवताओं को 'The Domain' (द डोमेन) के उच्च अधिकारी, वैज्ञानिक या 'IS-BE' (अमर आत्माएं) कहा गया है।** * **विष्णु का अर्थ:** एरल के अनुसार, इतिहास में जिन्हें मनुष्यों ने 'भगवान' या 'देवता' समझा, वे वास्तव में 'द डोमेन' सभ्यता के अत्यंत उन्नत और शक्तिशाली मार्गदर्शक थे, जो पृथ्वी को आसुरी शक्तियों (The Old Empire) से मुक्त कराने और यहाँ धर्म/व्यवस्था स्थापित करने आए थे। * **सनातन धर्म से मिलान:** शास्त्रों में भगवान विष्णु को **'जगत का पालनहार'** कहा गया है जो ब्रह्मांड में व्यवस्था (Order) बनाए रखते हैं। इंटरव्यू में 'द डोमेन' का कार्य भी यही बताया गया है—ब्रह्मांड के इस हिस्से की रक्षा करना और व्यवस्था संभालना। ## 2. 3,000 एलियंस की वह घटना क्या है? किताब के अनुसार, यह घटना लगभग **8,200 ईसा पूर्व (8,200 BCE)** की है, जो आज से करीब 10,000 साल पहले हुई थी: * **मिशन:** 'द डोमेन' (देवताओं की सेना) के **3,000 उच्च अधिकारियों और सैनिकों का एक खोजी दल (Expeditionary Force)** पृथ्वी पर आया था। उनका मुख्य बेस हिमालय (संभवतः तिब्बत या कैलाश के पास) में था। * **धोखा और कैद:** पृथ्वी पर पहले से कब्ज़ा जमाए बैठे 'ओल्ड एम्पायर' (आसुरी शक्तियों) ने एक इलेक्ट्रॉनिक जाल बिछाया। 'द डोमेन' के इन 3,000 सैनिकों को उस इलेक्ट्रॉनिक जाल में फंसाकर बंदी बना लिया गया। * **भूलने की बीमारी (Amnesia):** बंदी बनाने के बाद, मशीनों के जरिए उनकी याददाश्त (Memory) को पूरी तरह मिटा दिया गया और उन्हें जबरन **मानव शरीरों (Flash Bodies)** में डाल दिया गया। * **संसार में भटकाव:** एरल ने बताया कि 'द डोमेन' के वे 3,000 शक्तिशाली योद्धा आज भी अपनी पहचान भूलकर आम इंसानों की तरह पृथ्वी पर बार-बार जन्म ले रहे हैं और भटक रहे हैं। ## 3. डॉल बॉडी (Doll Body) और फ्लैश बॉडी (Flash Body) क्या है? इंटरव्यू में उन्नत एलियंस (IS-BEs) के रहने के दो तरह के शरीरों का वर्णन है: | विशेषता | डॉल बॉडी (Doll Body) | फ्लैश बॉडी (Flash Body) | |---|---|---| | **क्या है?** | यह एक **यांत्रिक या सिंथेटिक शरीर** (रोबोटिक/बायो-मेकेनिकल) होता है। | यह हमारा **हाड़-मांस का जैविक शरीर** (Biological Body) है। | | **कार्य/विशेषता** | इसमें कोई जैविक अंग (दिल, फेफड़े, पाचन तंत्र) नहीं होते। यह केवल चेतना (आत्मा) को अंतरिक्ष में यात्रा करने और काम करने के लिए एक माध्यम देता है। यह बूढ़ा नहीं होता। | यह दर्द, भूख, बीमारी और वासना से ग्रस्त होता है। यह बूढ़ा होता है और अंत में नष्ट हो जाता है। | | **कौन उपयोग करता है?** | एरल जैसी उन्नत आत्माएं (IS-BEs) जो ब्रह्मांड में स्वतंत्र रूप से घूमती हैं। | पृथ्वी पर कैद की गई आत्माएं और यहाँ के जीव। | ## 4. देवताओं का कार्य क्या है? उनकी ऊर्जा का स्रोत क्या है? ### देवताओं का कार्य: एरल के अनुसार, उच्च लोकों के जीवों (देवताओं) का कार्य ब्रह्मांड में **सृजन (Creation), चेतना का विस्तार और न्याय (Order)** बनाए रखना है। वे भौतिक प्रकृति के नियमों को नियंत्रित करते हैं। ### पलकें न झपकना और ऊर्जा का स्रोत: * **पलकें क्यों नहीं झपकतीं?** शास्त्रों में लिखा है कि देवताओं की आँखें कभी बंद नहीं होतीं और वे पलकें नहीं झपकते (अनिमेष)। एलियन इंटरव्यू इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण बताता है—चूंकि वे **डॉल बॉडी** या विशुद्ध **ऊर्जा शरीर (Light Body)** में होते हैं, इसलिए उन्हें आँखों को गीला रखने के लिए पलकें झपकने की जैविक आवश्यकता ही नहीं होती! * **ऊर्जा का स्रोत (Source of Energy):** वे हमारी तरह भोजन या ऑक्सीजन से ऊर्जा नहीं लेते। उनकी ऊर्जा का स्रोत **विशुद्ध ब्रह्मांडीय ऊर्जा (Cosmic Energy/Prana)** है। वे सीधे अपनी चेतना (Mind/Soul Power) से संचालित होते हैं। वे खुद ऊर्जा के जेनरेटर हैं। ## 5. एक परम सत्ता (ईश्वर) की ऊर्जा का स्रोत इंटरव्यू का सबसे सुंदर हिस्सा वही है जो सनातन धर्म के **'अद्वैत वेदान्त'** से मेल खाता है: * **सभी आत्माएं एक हैं:** एरल कहती है कि हर एक जीव (IS-BE) वास्तव में किसी एक ही 'परम स्रोत' (The Ultimate Source) का हिस्सा है। हम सब अलग-अलग नहीं हैं, बल्कि एक ही अनंत चेतना की किरणें हैं। * **सनातन धर्म से मिलान:** उपनिषदों में कहा गया है—**"अहं ब्रह्मास्मि"** (मैं ही ब्रह्म हूँ) और **"अयमात्मा ब्रह्म"** (यह आत्मा ही ब्रह्म है)। * जैसे सूर्य एक है, लेकिन पानी के हजारों घड़ों में उसका अलग-अलग प्रतिबिंब दिखाई देता है; ठीक वैसे ही वह **परम सत्ता (परमात्मा या ईश्वर)** एक ही महा-ऊर्जा है, जिससे ब्रह्मांड के सभी देवता, एलियंस और मनुष्य संचालित हो रहे हैं। हम सब उसी एक परमेश्वर की ऊर्जा के छोटे-छोटे अंश हैं जो इस भौतिक संसार के खेल में खुद को भूल बैठे हैं।

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