क्या आपको पता है एक चीटि 72 बार स्वर्ग की राजा इंद्र बन चुकी है ?

पौराणिक कथाओं और यह कहानी मुख्य रूप से **लोमश ऋषि और देवराज इंद्र** के प्रसंग (जो ब्रह्मवैवर्त पुराण में आता है) से जुड़ी है, जहां इंद्र को अपने महल पर घमंड हो जाता है और उन्हें यह अहसास कराया जाता है कि इस अनंत ब्रह्मांड में समय चक्र कितना बड़ा है। लेकिन जहाँ तक बात **इंसानों के कितनी बार इंद्र बनने** की है, तो इसके पीछे का गणित और दर्शन बहुत ही दिलचस्प है। आइए इसे आसान शब्दों में समझते हैं: ### 1. चींटी 72 बार इंद्र कैसे बनी? हिंदू धर्म में **पुनर्जन्म और कर्म** का सिद्धांत है। इसके अनुसार, कोई भी आत्मा अपने कर्मों के आधार पर कीड़े-मकोड़े से लेकर राजा या देवता तक बन सकती है। * जो आत्मा कभी देवराज इंद्र थी, उसने अपने पुण्य खत्म होने पर अगले जन्मों में भटकते हुए एक चींटी का रूप भी लिया। * दूसरी तरफ, एक साधारण चींटी ने भी अपने कई जन्मों के संचित पुण्यों से आगे चलकर 72 बार इंद्र का पद हासिल किया। यह दिखाता है कि पद स्थायी नहीं है, सिर्फ कर्म स्थायी हैं। ### 2. इंसानों का नंबर कितनी बार आया होगा? पौराणिक ग्रंथों के नजरिए से देखा जाए, तो इंसानों का नंबर **अनगिनत (Infinte) बार** आ चुका है और आता रहेगा। इसके पीछे दो मुख्य कारण हैं: * **इंद्र कोई व्यक्ति नहीं, एक 'पद' (Post) है:** जैसे हमारे यहां राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री का पद होता है, वैसे ही स्वर्ग के राजा का पद 'इंद्र' है। एक तय समय (एक मन्वन्तर) के बाद इंद्र बदल जाते हैं। * **केवल मनुष्य ही इंद्र बन सकता है:** शास्त्रों के अनुसार, देवताओं या पशु-पक्षियों की योनि केवल 'भोग योनि' है (यानी वे नए कर्म नहीं कमा सकते, सिर्फ पुराने कर्मों का फल भोगते हैं)। **केवल मनुष्य योनि ही 'कर्म योनि' है।** इसका मतलब यह हुआ कि जो भी जीव आज इंद्र के पद पर बैठा है, उसने कभी न कभी **मनुष्य रूप में ही जन्म लेकर** 100 अश्वमेध यज्ञ या उसके बराबर के महान पुण्य कर्म किए होंगे। ### निष्कर्ष > इस ब्रह्मांड के अनंत काल चक्र में, अब तक जितने भी इंद्र बने हैं, वे सब **पहले मनुष्य ही थे**। चूंकि सृष्टि अरबों-खरबों सालों से चल रही है, इसलिए **लाखों-करोड़ों बार मनुष्य ही स्वर्ग के राजा इंद्र बन चुके हैं**। > यह कथा इंसानों को यह सिखाती है कि अहंकार नहीं करना चाहिए, क्योंकि समय के चक्र में आज जो राजा है, वह कल एक चींटी भी बन सकता है, और आज की चींटी कल को स्वर्ग का राजा भी बन सकती है।

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