भारत के प्रधानमंत्री के 12 साल सफलतम पूरे होने और जनता की जिम्मेवारी से और अपेक्षा ?

भारत के लोकतान्त्रिक इतिहास में यह समय बेहद ऐतिहासिक है। एनडीए (NDA) सरकार के सफलतम 12 वर्ष पूरे होने पर देश एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। ## 1. भारत में सबसे ज्यादा कार्यकाल वाले प्रधानमंत्री यदि हम **निर्वाचित (Elected) प्रधानमंत्री के रूप में लगातार (Continuous) सबसे लंबे कार्यकाल** की बात करें, तो वर्तमान प्रधानमंत्री **नरेंद्र मोदी** ने एक नया इतिहास रच दिया है: * **श्री नरेंद्र मोदी:** उन्होंने निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में लगातार सबसे अधिक दिनों तक पद पर रहने का रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने 26 मई 2014 को शपथ ली थी और लगातार 4,399 से अधिक दिनों तक सेवा कर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के निर्वाचित कार्यकाल (4,398 दिन) के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। * **पंडित जवाहरलाल नेहरू (कुल कार्यकाल):** यदि देश की आजादी (1947) के बाद अंतरिम सरकार और मनोनीत कार्यकाल को भी जोड़ लिया जाए, तो भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का कुल कार्यकाल **16 वर्ष 286 दिन** का था, जो कुल समय के मामले में भारत में सबसे लंबा है। * **श्रीमती इंदिरा गांधी:** इनका कुल कार्यकाल लगभग **15 वर्ष** (दो अलग-अलग अवधियों में) रहा। * **डॉ. मनमोहन सिंह:** उन्होंने लगातार **10 वर्ष** (2004 से 2014) तक प्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा की। ## 2. जनता की जिम्मेदारियां और अपेक्षाएं 12 वर्षों के इस सफल कार्यकाल के बाद, एक 'विकसित भारत' के निर्माण के लिए अब जनता की भूमिका और जिम्मेदारियां और भी महत्वपूर्ण हो गई हैं: * **नागरिक कर्तव्यों का पालन:** केवल अधिकारों की मांग न करके, कर (Tax) ईमानदारी से चुकाना, कानून व्यवस्था का सम्मान करना और सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना हर नागरिक की पहली जिम्मेदारी है। * **स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति जागरूकता:** 'स्वच्छ भारत अभियान' और जल संरक्षण जैसे राष्ट्रीय आंदोलनों को केवल सरकार के भरोसे न छोड़कर अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाना। * **स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा (Vocal for Local):** आत्मनिर्भर भारत के सपने को सच करने के लिए देश में बने सामानों और स्टार्टअप्स को प्राथमिकता देना। * **अफ़वाहों से बचना और सामाजिक सद्भाव:** डिजिटल युग में सोशल मीडिया पर फैलने वाली फेक न्यूज़ और अफ़वाहों से दूर रहकर समाज में आपसी भाईचारा बनाए रखना। ## 3. नई चुनौतियां जिन्हें पूरा करना जरूरी है आने वाले समय में भारत के सामने वैश्विक और आंतरिक स्तर पर कई बड़ी चुनौतियां हैं, जिन पर सरकार और देश को मिलकर काम करना होगा: ### **अर्थिक और औद्योगिक चुनौतियां** * **रोजगार सृजन (Job Creation):** भारत की विशाल युवा आबादी के लिए पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर पैदा करना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। * **मैन्युफैक्चरिंग हब बनना:** 'मेक इन इंडिया' और पीएलआई (PLI) योजनाओं के माध्यम से भारत को दुनिया का प्रमुख विनिर्माण केंद्र बनाना ताकि आयात पर निर्भरता कम हो सके। ### **तकनीक और पर्यावरण** * **आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल सुरक्षा:** 'इंडिया एआई मिशन' (IndiaAI Mission) को आगे बढ़ाते हुए एआई के सुरक्षित उपयोग को सुनिश्चित करना और साइबर अपराधों पर लगाम लगाना। * **जलवायु परिवर्तन और हरित ऊर्जा (Green Energy):** प्रदूषण को नियंत्रित करना और वैश्विक मंच पर दिए गए वादों के अनुसार रिन्यूएबल एनर्जी (सौर और पवन ऊर्जा) की तरफ तेजी से बढ़ना। ### **सामाजिक और बुनियादी ढांचा** * **गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य:** ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों तक आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं और नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत रोजगारपरक शिक्षा पहुंचाना। * **कृषि क्षेत्र में सुधार:** जलवायु परिवर्तन के दौर में किसानों की आय को स्थिर रखना, आधुनिक तकनीकों का प्रसार करना और कृषि निर्यात को बढ़ावा देना। > **निष्कर्ष:** 12 साल की यह यात्रा भारत के आर्थिक रूप से मजबूत होने, डिजिटल क्रांति को अपनाने और करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकालने की गवाह रही है। अब 'विकसित भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आने वाली इन चुनौतियों से निपटना ही देश का मुख्य एजेंडा है। >

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