"Alien Interview" (एलियन इंटरव्यू) है, जिसे लॉरेंस आर. स्पेन्सर (Lawrence R. Spencer) ने संपादित किया है। यह किताब कथित तौर पर 1947 के प्रसिद्ध रोज़वेल यूएफओ क्रैश (Roswell UFO Crash) की घटना और वहां बची एक एलियन (जिसका नाम 'एरल' बताया गया है) और एक सैन्य नर्स मटिल्डा ओ'डोनेल मैकलराय के बीच हुई बातचीत पर आधारित है।
किताब इस बारे में जो खुलासा करती है, उसे हम निम्नलिखित बिंदुओं में समझ सकते हैं:
1. 'The Domain' और पृथ्वी एक "जेल" के रूप में
किताब के अनुसार, एरल (एलियन) बताती है कि जिस सभ्यता से वह संबंध रखती है, उसे "द डोमेन" (The Domain) कहा जाता है। उसके अनुसार, पृथ्वी वास्तव में एक "जेल प्लैनेट" (Prison Planet) है, जहाँ पूरे ब्रह्मांड के 'अवांछित' या 'अपराधी' जीवों (जिन्हें किताब में IS-BE यानी अमर आध्यात्मिक आत्माएं कहा गया है) को लाकर कैद कर दिया गया है। हम सभी मनुष्य वही आत्माएं हैं जिनकी यादें मिटा दी गई हैं।
2. पहाड़ों पर आश्रम और ध्यान का "एलियन कनेक्शन"
किताब में भारत के साधु-संतों, ऊंचे पहाड़ों (जैसे हिमालय) और वहां बनाए गए आश्रमों को लेकर एक बेहद अलग थ्योरी दी गई है:
इलेक्ट्रॉनिक स्क्रीन/यादें मिटाने वाला जाल: किताब का दावा है कि पृथ्वी के चारों ओर एक बहुत बड़ा 'इलेक्ट्रॉनिक फोर्स फील्ड' या जाल बिछाया गया है। जब भी पृथ्वी पर कोई जीव मरता है, तो यह जाल उसकी आत्मा को पकड़ लेता है, उसकी पुरानी यादें (Memory) मिटा देता है और उसे दोबारा पृथ्वी पर ही जन्म लेने के लिए मजबूर करता है।
ऊंचे पहाड़ों का फायदा: एरल के अनुसार, यह इलेक्ट्रॉनिक स्क्रीन या जाल पृथ्वी की सतह और निचले इलाकों में सबसे ज्यादा मजबूत है। पहाड़ों की अत्यधिक ऊंचाई पर इस जाल का प्रभाव थोड़ा कम या कमजोर हो जाता है।
बाबाओं और साधुओं का रहस्य: किताब दावा करती है कि प्राचीन काल में कुछ बुद्धिमान आत्माओं (जिन्हें हम बाबा, साधु या योगी कहते हैं) को इस बात का अहसास हो गया था। वे ऊंचे पहाड़ों पर इसलिए जाते थे ताकि उस 'इलेक्ट्रॉनिक जाल' के प्रभाव से दूर रह सकें। वहां ध्यान (Meditation) लगाने से उन्हें ब्रह्मांडीय सच्चाई और अपने 'अमर होने' (IS-BE) का अहसास आसानी से हो पाता था, जिसे हम 'ईश्वर से कनेक्शन' या 'मोक्ष' कह देते हैं।
सत्यता और एक दोस्ताना नजरिया (Reality Check)
एक जरूरी बात: "Alien Interview" किताब को मुख्यधारा के वैज्ञानिकों, इतिहासकारों और यूएफओ शोधकर्ताओं द्वारा फिक्शन (काल्पनिक कहानी) माना जाता है। इस बात का कोई ठोस सबूत नहीं है कि मटिल्डा नाम की कोई नर्स थी या किसी एलियन ने ऐसा कोई इंटरव्यू दिया था।
हमारे पारंपरिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से, बाबा या साधु-संत हिमालय जैसे ऊंचे पहाड़ों पर इसलिए जाते हैं क्योंकि:
वहां शांति और एकांत होता है, जो ध्यान के लिए जरूरी है।
वहां की प्रकृति शुद्ध होती है और सांसारिक मोह-माया के कोलाहल से दूर होती है।
निष्कर्ष: एलियन इंटरव्यू किताब आध्यात्मिक अनुभवों को एक 'एडवांस्ड टेक्नोलॉजी' और 'जेल से भागने के प्रयास' के रूप में देखती है, जहाँ ऊंचे पहाड़ उस 'जेल की कमजोर दीवार' की तरह हैं जहाँ से ब्रह्मांड को बेहतर तरीके से देखा जा सकता है।
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