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अमेरिका में यूनिकॉर्न (1 अरब डॉलर या उससे अधिक मूल्य वाले स्टार्टअप) कंपनियों के प्रवासी संस्थापकों (Immigrant Founders) में **भारतीय सबसे आगे यानी शीर्ष पर हैं।**
नेशनल फाउंडेशन फॉर अमेरिकन पॉलिसी (NFAP) द्वारा जारी की गई ताज़ा रिपोर्ट **"इमिग्रेंट्स एंड यूएस बिलियन-डॉलर कंपनीज़"** के अनुसार, भारतीय प्रवासियों ने अमेरिकी स्टार्टअप इकोसिस्टम में अपनी सफलता का लोहा मनवाया है।
इस रिपोर्ट के प्रमुख आंकड़े निम्नलिखित हैं:
## शीर्ष देश (प्रवासी संस्थापकों के मामले में)
अमेरिका के कुल 775 यूनिकॉर्न में से 455 कंपनियों के संस्थापक या सह-संस्थापक प्रवासी (Immigrants) हैं। इनमें देशों के आधार पर रैंकिंग इस प्रकार है:
| देश | यूनिकॉर्न कंपनियों की संख्या |
|---|---|
| **भारत (India)** | **96** |
| इजराइल (Israel) | 60 |
| यूनाइटेड किंगडम (UK) | 47 |
| चीन (China) | 41 |
| कनाडा (Canada) | 30 |
## इस रिपोर्ट की कुछ अन्य खास बातें:
* **एक से अधिक यूनिकॉर्न बनाने वाले भारतीय:** रिपोर्ट में ऐसे 15 प्रवासी उद्यमियों की पहचान की गई है जिन्होंने दो या उससे अधिक अरब डॉलर की कंपनियां खड़ी की हैं। खास बात यह है कि इन 15 में से **6 उद्यमी भारतीय मूल के हैं** (जैसे- मोहित आरोन, ज्योति बंसल, आशुतोष गर्ग, अरविंद जैन, सचिन नैय्यर और अजीत सिंह)।
* **अंतरराष्ट्रीय छात्रों की भूमिका:** लगभग 24% अमेरिकी यूनिकॉर्न के संस्थापक ऐसे हैं जो शुरुआत में एक अंतरराष्ट्रीय छात्र के रूप में पढ़ाई करने अमेरिका आए थे, जिनमें भारतीयों की संख्या काफी बड़ी है।
* **बड़ी कंपनियों में हिस्सेदारी:** कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में धूम मचाने वाली कंपनी **Perplexity AI** (मूल्य $20 अरब) के सह-संस्थापक अरविंद श्रीनिवास भी भारतीय मूल के ही हैं।
संक्षेप में कहें तो, अमेरिका के टेक और स्टार्टअप सेक्टर में आज भारतीय प्रवासियों का दबदबा सबसे मजबूत है और वे वहां सबसे बड़े वेल्थ और जॉब क्रिएटर बनकर उभरे हैं।
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