भारत में विदेशी निवेशकों के लिए कैपिटल गेन टैक्स खत्म ?

**नहीं, भारत सरकार ने विदेशी निवेशकों के लिए सभी प्रकार का कैपिटल गेन टैक्स (Capital Gains Tax) पूरी तरह से खत्म नहीं किया है।** सरकार ने केवल **सरकारी बॉन्ड (Government Securities/G-Secs)** में निवेश करने वाले विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs/FPIs) को एक विशेष टैक्स छूट दी है। **शेयर बाजार (Equities) से होने वाली कमाई पर कैपिटल गेन टैक्स अभी भी पहले की तरह लागू रहेगा।** केंद्रीय कैबिनेट द्वारा मंजूर किए गए अध्यादेश (Ordinance) के अनुसार इस फैसले की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं: ### 1. छूट केवल सरकारी बॉन्ड (G-Secs) पर है विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) को **केवल सरकारी प्रतिभूतियों (Government Securities)** से होने वाली कमाई पर टैक्स छूट दी गई है। इसके तहत: * सरकारी बॉन्ड की बिक्री या ट्रांसफर से होने वाले **कैपिटल गेन टैक्स** को खत्म कर दिया गया है। * इन बॉन्ड पर मिलने वाले ब्याज (Interest Income) पर लगने वाले **विथहोल्डिंग टैक्स (Withholding Tax)** को भी पूरी तरह हटा दिया गया है। * यह छूट 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। ### 2. शेयर बाजार (Equity) पर टैक्स पहले जैसा ही रहेगा यदि कोई विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) या इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश करता है, तो उसे पहले की तरह ही टैक्स देना होगा: * **लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG):** 12.5% * **शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन (STCG):** 15% ### सरकार ने यह फैसला क्यों लिया? * **रुपये को मजबूती देना:** वैश्विक स्तर पर (जैसे मध्य-पूर्व के भू-राजनीतिक तनाव) और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण भारतीय रुपया दबाव में था। इस कदम से विदेशी डॉलर भारत के डेट मार्केट (Debt Market) में आएंगे, जिससे रुपये को स्थिरता मिलेगी। * **विदेशी पूंजी को आकर्षित करना:** पिछले कुछ समय से विदेशी निवेशकों (FIIs) ने भारतीय शेयर बाजार से बड़े पैमाने पर पैसा निकाला था। सरकारी बॉन्ड को टैक्स-फ्री बनाकर सरकार विदेशी निवेशकों को भारत में बने रहने और लॉन्ग-टर्म निवेश करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। * **वैश्विक बॉन्ड इंडेक्स में मदद:** टैक्स का झंझट खत्म होने से भारत के सरकारी बॉन्ड अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक हो जाएंगे। > **संक्षेप में:** विदेशी निवेशकों के लिए पूरा कैपिटल गेन टैक्स खत्म नहीं हुआ है; राहत केवल **सरकारी बॉन्ड (Government Bonds)** के निवेश पर मिली है, शेयर बाजार (Equities) पर टैक्स जारी रहेगा। >

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