देहरादून जिले में 96 होमस्टे पर चला चाबुक, नियम के विरुद्ध चलाए जा रहे हैं होमस्टे का सरकार द्वारा उद्देश्य क्या है ?
देहरादून जिले में हाल ही में प्रशासन ने **'ऑपरेशन सफाई'** के तहत नियमों के विरुद्ध चल रहे होमस्टे पर बड़ी कार्रवाई की है। जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल के नेतृत्व में 17 होमस्टे के पंजीकरण रद्द किए जा चुके हैं और लगभग 96 अन्य जांच के घेरे में हैं।
सरकार द्वारा इस योजना को चलाने का **मूल उद्देश्य** और वर्तमान कार्रवाई के पीछे के कारणों को नीचे विस्तार से समझाया गया है:
### 1. होमस्टे योजना के वास्तविक सरकारी उद्देश्य
उत्तराखंड सरकार ने 'दीनदयाल उपाध्याय होमस्टे योजना' मुख्य रूप से निम्नलिखित लक्ष्यों के साथ शुरू की थी:
* **स्थानीय रोजगार:** ग्रामीण और शहरी निवासियों को अपने ही घर में स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना।
* **सांस्कृतिक अनुभव:** पर्यटकों को होटल के बजाय उत्तराखंड की पारंपरिक संस्कृति, खान-पान और 'अतिथि देवो भव:' का वास्तविक अनुभव देना।
* **आर्थिक सशक्तिकरण:** मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों की आय में वृद्धि करना।
* **पर्यटन का विकेंद्रीकरण:** बड़े होटलों के बजाय पर्यटकों को दूर-दराज के इलाकों और शांत रिहायशी क्षेत्रों तक ले जाना।
### 2. कार्रवाई (चाबुक) चलाने के प्रमुख कारण
जांच में यह पाया गया कि कई होमस्टे अपने मूल उद्देश्य से भटक कर **"मिनी होटल" या "अवैध अड्डों"** में तब्दील हो गए थे:
* **व्यावसायिक दुरुपयोग:** होमस्टे के नाम पर टैक्स छूट और सब्सिडी का लाभ लेकर उन्हें पूरी तरह व्यावसायिक होटलों की तरह चलाया जा रहा था।
* **सुरक्षा का अभाव:** कई जगह फायर सेफ्टी उपकरण (अग्निशमन यंत्र) नहीं थे और न ही वैध फूड लाइसेंस लिए गए थे।
* **मालिक की अनुपस्थिति:** नियम के अनुसार, होमस्टे में मालिक का रहना अनिवार्य है, लेकिन कई जगह मालिक गायब थे और प्रॉपर्टी को तीसरे पक्ष (Lease/Rent) को सौंप दिया गया था।
* **अवैध गतिविधियां:** कुछ होमस्टे में देर रात तक पार्टियां, डीजे, अवैध शराब परोसना और हुड़दंग की शिकायतें मिलीं, जिससे स्थानीय निवासियों की शांति भंग हो रही थी।
* **नियमों की अनदेखी:** विदेशी मेहमानों का अनिवार्य 'सी-फॉर्म' न भरना और स्वीकृत कमरों से अधिक कमरे चलाना।
### 3. सरकार का वर्तमान रुख
सरकार का उद्देश्य योजना को बंद करना नहीं, बल्कि इसे **पारदर्शी और सुरक्षित** बनाना है।
* **जीरो टॉलरेंस:** कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले और बिना सत्यापन के मेहमानों को ठहराने वाले संचालकों पर सख्त एक्शन लिया जा रहा है।
* **सफाई अभियान:** प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि केवल वही लोग इस योजना का लाभ उठाएं जो वास्तव में "होम-स्टे" (घर जैसा प्रवास) का अनुभव दे रहे हैं, न कि वे जो इसे अवैध धंधों का जरिया बना रहे हैं।
**निष्कर्ष:** यदि आप भी किसी होमस्टे से जुड़े हैं या बुकिंग करने वाले हैं, तो यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि वह पर्यटन विभाग में पंजीकृत हो और वहां सुरक्षा के बुनियादी नियमों का पालन किया जा रहा हो।
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