जॉइंट डिमैट अकाउंट में शेयर बेचने पर टैक्स किस पर लगेगा ?

जॉइंट डिमैट अकाउंट (Joint Demat Account) में शेयर बेचने पर टैक्स की लायबिलिटी आमतौर पर **प्राइमरी होल्डर (First Holder) यानी पहले खाताधारक** पर होती है। इसकी मुख्य वजहें और नियम नीचे दिए गए हैं: ### 1. प्राइमरी होल्डर ही क्यों? भले ही डिमैट अकाउंट जॉइंट हो, लेकिन उसके साथ लिंक होने वाला **ट्रेडिंग अकाउंट (Trading Account)** हमेशा किसी एक ही व्यक्ति (जो कि फर्स्ट होल्डर होता है) के नाम पर खुलता है। शेयर बेचने से होने वाला मुनाफा या नुकसान (P&L) सीधे ट्रेडिंग अकाउंट और पैन (PAN) से लिंक होता है। इसलिए इनकम टैक्स विभाग की नजर में टैक्स भरने की जिम्मेदारी पहले धारक की ही बनती है। ### 2. असली कमाई (Beneficial Ownership) का नियम अगर जॉइंट अकाउंट में लगे सारे पैसे दूसरे या तीसरे होल्डर ने निवेश किए थे और प्राइमरी होल्डर सिर्फ नाम के लिए है, तो असलियत के आधार पर टैक्स डिस्ट्रीब्यूट किया जा सकता है। लेकिन इसके लिए मजबूत दस्तावेजी सबूत (जैसे बैंक स्टेटमेंट कि पैसा किसने लगाया) होने चाहिए। > **नोट:** आमतौर पर टैक्स का पूरा डेटा (AIS/TIS) पहले होल्डर के ही पैन कार्ड पर रिफ्लेक्ट होता है। अगर आप इसे आपस में बांटना चाहते हैं, तो इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करते समय सावधानी बरतनी होगी ताकि स्क्रूटनी (Scrutiny) का नोटिस न आए। > ### शेयर बेचने पर टैक्स की दरें (Tax Rates) शेयर्स बेचने पर जो मुनाफा होता है, उसे **कैपिटल गेन्स टैक्स (Capital Gains Tax)** कहा जाता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपने शेयर कितने समय तक अपने पास रखे: | शेयर का प्रकार | समय सीमा (Holding Period) | टैक्स का प्रकार | टैक्स की दर (Tax Rate) | |---|---|---|---| | **लिस्टेड शेयर्स (Listed Shares)** | 12 महीने या उससे कम | शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) | **20%** | | | 12 महीने से ज्यादा | लॉग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) | **12.5%** (सालाना ₹1.25 लाख तक की कमाई टैक्स फ्री है) | **सलाह:** किसी भी तरह के विवाद या टैक्स नोटिस से बचने के लिए, आईटीआर (ITR) दाखिल करते समय जॉइंट अकाउंट के ट्रांजैक्शन को प्राइमरी होल्डर की ही इनकम में दिखाना सबसे आसान और सुरक्षित तरीका माना जाता है। सूचना; किसी और अपडेट के लिए जरूर अपने रजिस्टर्ड एडवाइजर से जरूर सला लेकर इनवेस्ट करे!

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