विश्व का दूसरा देश बना नेपाल इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाला?
काफी दिलचस्प है! हालिया आंकड़ों (2025-26) के अनुसार, नेपाल दुनिया में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को अपनाने के मामले में दूसरे स्थान पर पहुँच गया है।
यह दक्षिण एशिया के किसी भी देश के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। यहाँ इस बदलाव से जुड़ी कुछ मुख्य बातें दी गई हैं:
1. वैश्विक रैंकिंग में स्थान
* पहला स्थान: नॉर्वे (जहाँ लगभग 97% नई कारें इलेक्ट्रिक हैं)।
* दूसरा स्थान: नेपाल (जहाँ 2025 में बेची गई नई कारों में से लगभग 73% से 76% इलेक्ट्रिक थीं)।
* नेपाल ने इस मामले में स्वीडन, जर्मनी और अमेरिका जैसे विकसित देशों को भी पीछे छोड़ दिया है।
2. इतनी तेजी से बदलाव के कारण
* सस्ती बिजली: नेपाल अपनी पनबिजली (Hydropower) परियोजनाओं के कारण पर्याप्त मात्रा में और सस्ती बिजली पैदा कर रहा है।
* सरकारी नीतियां: नेपाल सरकार ने पेट्रोल और डीजल वाहनों पर भारी टैक्स लगाया है, जबकि इलेक्ट्रिक वाहनों पर टैक्स और कस्टम ड्यूटी में काफी छूट दी है।
* ईंधन की निर्भरता: नेपाल पेट्रोल-डीजल के लिए पूरी तरह से आयात पर निर्भर है। EV अपनाकर देश अपनी अर्थव्यवस्था को बाहरी देशों के ईंधन संकट से बचा रहा है।
3. प्रमुख खिलाड़ी
* नेपाल के बाजार में BYD, Tata Motors और MG जैसे ब्रांड्स का दबदबा है।
* कुल EV आयात में से लगभग 75% वाहन अकेले चीन से आते हैं, जबकि भारत (विशेषकर टाटा मोटर्स) की भी बड़ी हिस्सेदारी है।
एक छोटा सा सुधार: संख्या के मामले में (Volume) चीन दुनिया का सबसे बड़ा EV खरीदार है, लेकिन 'मार्केट शेयर' (कुल बिक्री में EV का प्रतिशत) के मामले में नेपाल अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया है।
क्या आप किसी विशेष ब्रांड या नेपाल में EV के भविष्य के बारे में और जानना चाहते हैं?
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