ईरान युद्ध के दौरान तेल एलपीजी गैस महंगी होने पर किन देशों में खाद्य सामान महंगा होगा?

अगर ईरान और इज़राइल के बीच तनाव युद्ध का रूप लेता है, तो इसका सबसे पहला और सीधा असर कच्चे तेल (Crude Oil) और एलपीजी (LPG) की कीमतों पर पड़ेगा। चूंकि ईरान **'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz)** के पास स्थित है, जहां से दुनिया का लगभग **20% तेल** गुजरता है, इसके बंद होने या प्रभावित होने से वैश्विक सप्लाई चेन टूट जाएगी। खाद्य सामग्री (Food Items) महंगी होने का मुख्य कारण **बढ़ती परिवहन लागत (Transportation Cost)** और **उर्वरक (Fertilizers)** की कमी होती है। इन देशों पर सबसे बुरा असर पड़ने की संभावना है: ### **1. दक्षिण एशियाई देश (भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश)** ये देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए भारी मात्रा में आयात पर निर्भर हैं। * **भारत:** भारत अपनी जरूरत का 85% तेल आयात करता है। तेल महंगा होने पर माल ढुलाई (Trucking) महंगी होगी, जिससे फल, सब्जियां और अनाज सीधे तौर पर महंगे हो जाएंगे। * **पाकिस्तान और श्रीलंका:** ये देश पहले से ही आर्थिक संकट और उच्च मुद्रास्फीति (Inflation) से जूझ रहे हैं। तेल की कीमतों में मामूली बढ़त भी यहाँ खाद्य दंगे जैसी स्थिति पैदा कर सकती है। ### **2. यूरोपीय देश (Germany, Italy, UK)** रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद यूरोप पहले से ही ऊर्जा संकट झेल रहा है। * यूरोप अपनी खेती के लिए **उर्वरकों (Fertilizers)** पर निर्भर है, जिनका उत्पादन प्राकृतिक गैस (Natural Gas) से होता है। अगर ईरान युद्ध के कारण गैस महंगी होती है, तो यूरोप में खेती की लागत बढ़ेगी और ब्रेड, डेयरी और मांस के दाम आसमान छू सकते हैं। ### **3. आयात पर निर्भर अफ्रीकी देश (Egypt, Sudan, Ethiopia)** * मिस्र जैसे देश दुनिया के सबसे बड़े गेहूं आयतकों में से हैं। तेल की कीमतें बढ़ने से समुद्री माल ढुलाई (Ocean Freight) महंगी हो जाती है। इन देशों में भोजन की कमी और महंगाई का सीधा संबंध वैश्विक तेल की कीमतों से होता है। ### **4. दक्षिण-पूर्व एशिया (Thailand, Philippines, Vietnam)** * यहाँ खाद्य तेल और चावल का उत्पादन अधिक होता है, लेकिन इनके प्रसंस्करण (Processing) और निर्यात के लिए भारी ऊर्जा की आवश्यकता होती है। ईंधन महंगा होने से स्थानीय बाजार में भी कीमतें बढ़ेंगी। ### **खाद्य सामान महंगा होने के 3 मुख्य कारण:** | कारण | प्रभाव | |---|---| | **परिवहन लागत** | खेतों से मंडियों तक सामान लाने वाले ट्रकों का डीजल खर्च बढ़ेगा। | | **उर्वरक (Fertilizers)** | प्राकृतिक गैस महंगी होने से यूरिया और अन्य खादों के दाम बढ़ेंगे, जिससे फसल उत्पादन महंगा होगा। | | **पैकेजिंग** | प्लास्टिक और पैकेजिंग सामग्री का निर्माण पेट्रोलियम उत्पादों से होता है, जिससे पैकेज्ड फूड महंगा होगा। | ### **निष्कर्ष:** इसका सबसे घातक असर उन देशों पर होगा जिनकी **मुद्रा (Currency)** डॉलर के मुकाबले कमजोर है। चूंकि तेल का व्यापार डॉलर में होता है, इसलिए इन देशों को तेल खरीदने के लिए अधिक पैसा खर्च करना पड़ेगा, जिससे उनके पास खाद्य सामग्री आयात करने के लिए विदेशी मुद्रा कम बचेगी। अगला ब्लॉक पढ़ने के लिए दूसरे लिंक पर क्लिक करें!

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