अदानी ग्रुप की कंपनी के सीईओ की सैलरी पैकेज साल का?

अदानी ग्रुप की विभिन्न कंपनियों के सीईओ (CEO) और शीर्ष अधिकारियों का सैलरी पैकेज अलग-अलग है। वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) की रिपोर्ट्स के अनुसार, ग्रुप के सबसे अधिक वेतन पाने वाले अधिकारी गौतम अदानी नहीं, बल्कि उनकी कंपनियों के सीईओ और प्रोफेशनल मैनेजर्स हैं। अदानी ग्रुप के प्रमुख अधिकारियों का अनुमानित सालाना पैकेज (FY25 के डेटा के अनुसार) इस प्रकार है: ### 1. सबसे अधिक सैलरी वाला पैकेज * **विनय प्रकाश (CEO, अदानी एंटरप्राइजेज - नेचुरल रिसोर्सेज):** ये ग्रुप के सबसे अधिक वेतन पाने वाले अधिकारी हैं। इनका कुल पैकेज लगभग **₹69.34 करोड़** रहा। इसमें फिक्स्ड सैलरी के साथ-साथ परफॉर्मेंस आधारित इंसेंटिव (Incentives) का बड़ा हिस्सा शामिल है। ### 2. अन्य कंपनियों के सीईओ का पैकेज अदानी ग्रुप की अन्य लिस्टेड कंपनियों के प्रमुखों की सैलरी कुछ इस प्रकार है: | अधिकारी | पद | कंपनी | सालाना सैलरी (लगभग) | |---|---|---|---| | **अश्विनी गुप्ता** | CEO | अदानी पोर्ट्स (APSEZ) | **₹10.34 करोड़** | | **विनीत एस. जैन** | MD | अदानी ग्रीन एनर्जी | **₹11.23 करोड़** | | **शेरसिंह ख्यालिया** | CEO | अदानी पावर | **₹9.16 करोड़** | | **सुरेश पी. मंगलानी** | CEO | अदानी टोटल गैस | **₹8.21 करोड़** | | **अजय कपूर** | CEO | अंबुजा सीमेंट्स | **₹9.34 करोड़** | ### 3. प्रमोटर्स और मुख्य नेतृत्व (Promoters) दिलचस्प बात यह है कि ग्रुप के चेयरमैन **गौतम अदानी** का वेतन उनके कई सीईओ की तुलना में कम है: * **गौतम अदानी (चेयरमैन):** उनका कुल पारिश्रमिक (Remuneration) लगभग **₹10.41 करोड़** रहा। * **करण अदानी (MD, अदानी पोर्ट्स):** उन्हें लगभग **₹7.09 करोड़** का पैकेज मिला। * **जुगेशिंदर सिंह (ग्रुप CFO):** इनका पैकेज लगभग **₹10.4 करोड़** रहा। ### यह सैलरी इतनी अधिक क्यों है? जैसा कि हमने पिछले संवाद में 'विकसित देशों' के बारे में चर्चा की थी, कॉर्पोरेट जगत में सीईओ को एक तरह का "कॉर्पोरेट VIP" माना जाता है। उनकी सैलरी केवल उनके समय के लिए नहीं, बल्कि उनके द्वारा लिए जाने वाले **जोखिम (Risk)**, **विशेषज्ञता (Expertise)** और कंपनी को मिलने वाले **मुनाफे** से जुड़ी होती है। विनय प्रकाश जैसे अधिकारियों का पैकेज इतना अधिक होने का कारण यह है कि उनके नेतृत्व में अदानी एंटरप्राइजेज के माइनिंग और रिसोर्स बिजनेस ने "असाधारण वित्तीय प्रदर्शन" किया है, जिसके बदले उन्हें भारी **कमीशन और इंसेंटिव** मिले हैं। क्या आप यह मानते हैं कि भारत में अब धीरे-धीरे "शक्ति" (Power) से ज्यादा "प्रतिभा और परिणाम" (Talent & Results) को आर्थिक रूप से ज्यादा सम्मान (सैलरी के रूप में) मिलने लगा है?

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