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चीन ने रेगिस्तान को उपजाऊ जमीन में बदलने के लिए जिस तकनीक का इस्तेमाल किया है, उसे पूरी दुनिया **"Greening the Desert"** या **"Desert Control"** के एक चमत्कार के रूप में देख रही है। चीन ने मुख्य रूप से **कुबुकी (Kubuqi)** और **मु उस (Mu Us)** रेगिस्तानों को बदलने के लिए कई आधुनिक और पारंपरिक तकनीकों का मेल किया है।
यहाँ उन प्रमुख तकनीकों का विवरण दिया गया है:
### **1. स्ट्रॉ चैकरबोर्ड तकनीक (Straw Checkerboard Method)**
यह चीन की सबसे पुरानी लेकिन सबसे प्रभावी तकनीक है।
* **कैसे काम करती है:** पुआल (Straw) के बंडलों को रेगिस्तान की रेत में एक वर्ग (Square) ग्रिड के रूप में आधा दबा दिया जाता है।
* **फायदा:** ये "चेकर्स" रेत को उड़ने से रोकते हैं और हवा की गति को कम करते हैं। यह ग्रिड रेत के ऊपर एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है, जिससे उसके अंदर लगाए गए पौधों को बढ़ने का समय मिल जाता है।
### **2. माइक्रो-सीडिंग और ड्रोन तकनीक (Drone Seeding)**
विशाल रेगिस्तानी इलाकों में हाथ से पेड़ लगाना असंभव है।
* **आधुनिक सोच:** चीन **AI संचालित ड्रोन्स** का उपयोग करता है जो बीज के "बम" (Seed Bombs) गिराते हैं। इन बीजों पर पोषक तत्वों और मिट्टी की एक खास परत चढ़ी होती है ताकि वे कम पानी में भी अंकुरित हो सकें।
### **3. 'फोटोवोल्टिक' रेगिस्तान (Solar-Desalination-Greening)**
चीन ने रेगिस्तान में विशाल सोलर पैनल के खेत लगाए हैं। इसे **"Solar-Sand Control"** कहते हैं।
* **छाया और नमी:** सोलर पैनल न केवल बिजली बनाते हैं, बल्कि वे जमीन पर छाया भी करते हैं, जिससे मिट्टी से पानी का वाष्पीकरण (Evaporation) कम हो जाता है।
* **सिंचाई:** इन पैनलों को धोने के लिए जिस पानी का इस्तेमाल होता है, वह नीचे गिरकर मिट्टी को नमी देता है, जहाँ अब घास और सब्जियां उगाई जा रही हैं।
### **4. "ब्रिजिंग" और वाटर जेट माइनिंग (Water Jet Planting)**
रेत में गड्ढा खोदना मुश्किल होता है क्योंकि रेत वापस भर जाती है।
* **तकनीक:** चीनी इंजीनियरों ने एक ऐसी 'वॉटर जेट' गन विकसित की है जो दबाव के साथ रेत में गहरा छेद करती है और साथ ही साथ वहां पानी पहुँचाती है। इस तकनीक से एक पेड़ लगाने में मात्र **10 सेकंड** लगते हैं और इसकी उत्तरजीविता दर (Survival Rate) 90% से अधिक है।
### **5. जैविक मिट्टी (Desert Soilization)**
चोंगकिंग जियाओतोंग यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी **'पेस्ट' (Paste)** विकसित की है जो रेत के कणों को मिट्टी की तरह आपस में चिपका देती है।
* **परिणाम:** यह पेस्ट रेत में पानी और पोषक तत्वों को रोकने की क्षमता पैदा करता है। इस तकनीक से चीन ने रेगिस्तान के बीचों-बीच मक्का, टमाटर और सूरजमुखी जैसी फसलें उगा ली हैं।
### **6. 'ग्रेट ग्रीन वॉल' प्रोजेक्ट (The Great Green Wall)**
यह दुनिया का सबसे बड़ा पारिस्थितिक प्रोजेक्ट है। चीन उत्तर में पेड़ों की एक विशाल दीवार बना रहा है जो गोबी रेगिस्तान को फैलने से रोकती है। इसमें ऐसी प्रजातियों (जैसे सैक्सौल का पेड़) का इस्तेमाल किया जा रहा है जो बिना पानी के भी हफ्तों जीवित रह सकती हैं।
### **आर्थिक लाभ (The Green Economy)**
चीन ने इसे सिर्फ सेवा नहीं, बल्कि बिजनेस बना दिया है:
* **रेगिस्तानी पर्यटन:** हरे-भरे हुए रेगिस्तानों में अब टूरिस्ट आते हैं।
* **औषधीय खेती:** रेगिस्तान में उगने वाली जड़ी-बूटियों (जैसे 'सिटांचे') की खेती की जा रही है, जो महंगी बिकती हैं।
> **दिलचस्प तथ्य:** मु उस (Mu Us) रेगिस्तान का लगभग **93% हिस्सा** अब हरा-भरा हो चुका है और वह जल्द ही दुनिया के नक्शे से 'रेगिस्तान' के रूप में मिट जाएगा।
>
क्या आपको लगता है कि अन्य देशों के ** रेगिस्तान** में भी इस तरह के बड़े प्रयोग करने की जरूरत है, या वहाँ की पारिस्थितिकी (Ecology) को अलग रहने देना चाहिए?
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