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रूस-यूक्रेन युद्ध, जो अब अपने चौथे वर्ष (2026) में है, में रूस ने पुराने सोवियत हथियारों से लेकर अत्याधुनिक हाइपरसोनिक मिसाइलों तक का एक विशाल शस्त्रागार तैनात किया है।
यहाँ रूस द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे मुख्य हथियारों का विवरण दिया गया है:
1. मिसाइलें (Missiles)
रूस ने यूक्रेन के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के लिए कई तरह की मिसाइलों का उपयोग किया है:
* हाइपरसोनिक मिसाइलें: रूस ने अपनी नई Oreshnik (ओरेश्निक) मिसाइल का इस्तेमाल शुरू किया है, जो कई वॉरहेड ले जाने में सक्षम है। इसके अलावा Zircon (जिरकॉन) और Kinzhal (किंजल) मिसाइलों का भी नियमित उपयोग हो रहा है, जिनकी गति बहुत अधिक होने के कारण इन्हें रोकना कठिन होता है।
* बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलें: Iskander-M (बैलिस्टिक) और Kalibr (क्रूज) मिसाइलें रूस के मुख्य हथियार रहे हैं। हाल के महीनों में पुराने सोवियत दौर की Kh-22 मिसाइलों का भी बड़े पैमाने पर उपयोग देखा गया है।
2. ड्रोन तकनीक (Drone Warfare)
ड्रोन इस युद्ध का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बन गए हैं:
* आत्मघाती ड्रोन (Kamikaze Drones): रूस Shahed-136 (जिसे रूस में Geran-2 कहा जाता है) का बड़े पैमाने पर उपयोग कर रहा है। 2025-26 में इनकी उत्पादन क्षमता हजारों में पहुँच गई है।
* FPV और जासूसी ड्रोन: Orlan-10 और Supercam जैसे ड्रोनों का उपयोग जासूसी और सटीक हमलों के लिए किया जा रहा है। रूस अब Fiber-optic FPV drones का भी उपयोग कर रहा है, जिन पर इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग (EW) का असर नहीं होता।
* Gerbera Drones: ये कम लागत वाले 'डिकॉय' ड्रोन हैं, जिनका उपयोग यूक्रेन के एयर डिफेंस सिस्टम को भ्रमित करने और उनके महंगे मिसाइलों को खत्म करने के लिए किया जाता है।
3. हवाई और गाइडेड बम (Glide Bombs)
रूस ने अपने पुराने FAB-500, FAB-1500 और यहाँ तक कि FAB-3000 जैसे शक्तिशाली बमों को UMPK (गाइडेड किट) लगाकर आधुनिक गाइडेड बमों में बदल दिया है। ये बम भारी तबाही मचाते हैं और रूसी विमान इन्हें यूक्रेनी एयर डिफेंस की पहुंच से दूर रहते हुए दाग सकते हैं।
4. बख्तरबंद वाहन और टैंक
* T-90M Proryv: यह रूस का सबसे आधुनिक सक्रिय टैंक है।
* T-72 और T-80: पुराने मॉडलों को अपग्रेड करके भारी संख्या में इस्तेमाल किया जा रहा है।
* Tsar Mangals (Turtle Tanks): रूस ने अपने टैंकों को ड्रोनों से बचाने के लिए उन पर लोहे की चादरों का ढांचा (Cages) लगाना शुरू किया है, जिन्हें "कछुआ टैंक" कहा जाता है।
5. आर्टिलरी और तोपखाना
रूस के पास आर्टिलरी की भारी बढ़त है। वे 2S19 Msta-S और 2S3 Akatsiya जैसी स्व-चालित तोपों के साथ-साथ TOS-1A (थर्मोबैरिक रॉकेट लॉन्चर) का उपयोग कर रहे हैं, जो हवा से ऑक्सीजन खींचकर भयानक धमाका करते हैं।
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